वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान सिरमौर जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हुई हैं। कोरोना कॉल के दौरान खासकर जिला मुख्यालय नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज के लिए लाइफ लाइन ऑक्सीजन प्लांट सहित आधुनिक तकनीक से लेस सीटी और अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई गईं, जबकि कोरोना काल से पूर्व यहां पर इनकी भारी कमी थी।
मेडिकल कॉलेज नाहन में वर्तमान में 300 और 500 एलपीएम क्षमता के दो पीएसए प्लांट कार्य कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में ही 950 एलपीएम को एक और पीएसए प्लांट जल्द शुरू होने वाला है। इसका सिविल वर्क पूरा कर लिया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की मानें तो जल्द ही यहां मशीन स्थापित कर दी जाएगी। ऐसे में यहां 1750 एलपीएम के तीन प्लांट कार्य करेंगे।
जिला मुख्यालय नाहन के जुड्डा का जोहड़ में 100 बिस्तरों का मेकशिफ्ट अस्पताल भी कोरोना कॉल के दौरान ही बनाया गया है। मेकशिफ्ट अस्पताल में एक ओपीडी, दो आईसीयू बनाए गए हैं, जिन्हें मेनीफोल्ड ऑक्सीजन सिस्टम से जोड़ा गया है।
इसके अलावा यहां सात आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। हर एक वार्ड में 13 बिस्तर की सुविधा है। इन वार्डों में 91 बिस्तर उपलब्ध हैं। मेडिकल कॉलेज नाहन में कोरोना काल के दौरान ही 128 स्लाइस की आधुनिक सुविधा से लैस सीटी स्कैन मशीन और डिजिटल एक्स-रे मशीन भी लगाई गई।
कोरोना काल से पहले यहां पर अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन मशीन काफी समय से खराब थी। कोरोना कॉल में ही मेडिकल कॉलेज में 26 के करीब वेंटीलेटर भी स्थापित किए गए हैं जो लगातार कार्य कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज नाहन में वर्तमान में ओपीडी में भी बढ़ोतरी हुई है। यहां रोजाना करीब एक हजार से अधिक ओपीडी होती है।
प्रिंसिपल डॉ. एनके महेंद्रू ने बताया कि कोरोना काल के दौरान मेडिकल कॉलेज में दो पीएसए प्लांट स्थापित किए गए हैं, जबकि तीसरा भी जल्द शुरू होगा। इसके अलावा सिटी और अल्ट्रासाउंड मशीन, मेकशिफ्ट अस्पताल सहित अन्य कई प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों को मुहैया करवाई गई हैं।