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बारिश और बर्फबारी से सिरमौर जिले में 18 सड़कें बंद

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बर्फबारी से बंद हरिपुरधार-मार्ग को बहाल करने में जुटी जेसीबी मशीन। - फोटो : NAHAN
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नाहन/हरिपुरधार (सिरमौर)। जनपद सिरमौर के चड़धार, हरिपुरधार और साथ लगते इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। बर्फबारी और बारिश लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। जिले में 18 सड़कें बंद पड़ी हैं। गत रात भारी बारिश के बीच सैनधार क्षेत्र के मानरिया में आसमानी बिजली गिरने से पांच मवेशियों की मौत हो गई।
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वहीं, विद्युत बोर्ड को भी बर्फबारी से लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है। बुधवार को चूड़धार में एक फीट और हरिपुरधार में पांच इंच ताजा हिमपात हुआ। इसके अलावा नौहराधार और गत्तधार आदि क्षेत्रों में भी सुबह 5 से 8 बजे तक बर्फबारी हुई। ताजा बर्फबारी ने लोक निर्माण विभाग की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। विभाग ने जो सड़कें खोली थीं वह दोबारा बंद हो गईं। बर्फबारी से संगड़ाह की आठ, राजगढ़ और शिलाई की पांच-पांच सड़कें शामिल हैं। विभाग को इससे 1,14,13000 का नुकसान उठाना पड़ा है।
हरिपुरधार-कुपवी मार्ग पिछले छह दिनों से बंद है। इस मार्ग पर तीन फीट से भी अधिक बर्फ जमी हुई है। विद्युत बोर्ड को बर्फबारी और बारिश से करीब 23 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बर्फबारी से बिजली के खंभे व विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा है। पच्छाद क्षेत्र के मेहर सिंह की गोशाला बारिश के चलते ढह गई। हरिपुरधार में पिछले एक सप्ताह से भी अधिक समय से पेयजल संकट बरकरार है। बाजार में अधिकतर लाइन पूरी तरह से जाम हो गई है। अधिकतर मकानों में पीने के पानी की बूंद तक नहीं पहुंच रही है।
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आसमानी बिजली से पांच मवेशियों की मौत:
सैनधार इलाके की ग्राम पंचायत नेहर-स्वार के मानरिया (मढ़ीधार) गांव में ओमदत्त की पशुशाला पर बीती मंगलवार रात आसमानी बिजली गिरी। इस दौरान तीन गाय, एक बछड़ी और एक भैंस की मौत हो गई। इस प्राकृतिक आपदा में ओमदत्त का एक से डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सूचना मिलने के बाद बीडीसी अध्यक्ष अनीता शर्मा, पंचायत प्रधान अनीता देवी, उपप्रधान देशराज ठाकुर व पशुपालन विभाग के फार्मासिस्ट राजेंद्र ठाकुर मौके पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। बीडीसी अध्यक्ष अनीता शर्मा ने बताया कि आसमानी बिजली गिरने से ओमदत्त की पांच मवेशियों की मौत हो गई है।
उन्होंने बताया कि पशुपालक पशुधन पर ही निर्भर था। उन्होंने प्रशासन और विभाग से ओमदत्त को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मंगलवार रात को आसमानी बिजली गिरने से मानरिया (मढ़ीधार) में पांच मवेशियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि बिजली की कड़कड़ाहट के दौरान हुए धमाके के चलते हृदयघात होने से मवेशियों की मौत हो सकती है। नुकसान का आंकलन कर विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
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