ददाहू (सिरमौर)। जिले की 11 क्लस्टर प्राथमिक पाठशालाओं को आधुनिक तकनीक से विकसित किया गया है। इन पाठशालाओं को प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय सर्वश्रेष्ठ कलस्टर योजना के अंतर्गत चुना गया, जिसके तहत इन प्राथमिक पाठशालाओं में 15-15 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है।
उल्लेखनीय है कि निजी स्कूलों को टक्कर देने और सरकारी स्कूलों के प्रति बच्चों व अभिभावकों का रुझान बढ़ाने के लिए सरकार ने पूरे प्रदेश में इस योजना को लागू कर सूबे में 100 स्कूलों का चयन किया था। इनमें सिरमौर जिले की 11 कलस्टर प्राथमिक पाठशाला को चुना गया। जिन कलस्टर स्कूलों में बच्चों की संख्या 100 से अधिक है उन प्राथमिक पाठशाला को इस योजना में शामिल किया गया है।
इसी सत्र में बच्चों की संख्या बढ़ाने वाले अन्य स्कूलों में भी यह योजना लागू किए जाने की संभावना है। इस योजना में शामिल हुए जिले के 11 कलस्टर स्कूलों में मॉडल स्कूल नाहन, राजकीय आदर्श प्राथमिक पाठशाला ददाहू, माजरा, पांवटा, पबियाना, भराड़ी, शिलाई, मोगीनंद, शरली मानपुर देवड़ा, जामूकोटी और हरिपुरधार स्कूल शामिल हैं।
योजना के अंतर्गत इन स्कूलों की कायाकल्प करने का कार्य भी लगभग पूर्ण हो गया है, जिसकी शिक्षा विभाग की ओर से मानीटरिंग की जा रही है। सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी ऋषिपाल शर्मा ने बताया कि जिले की 11 कलस्टर प्राथमिक पाठशालाओं को विशेष योजना के अंतर्गत लाया गया है, जिनमें 15-15 लाख रुपये की राशि स्कूल प्रबंधकों को दी गई है। इस राशि से स्कूल भवन और खेल मैदान को विकसित करने के साथ-साथ स्मार्ट कक्षाओं के संचालन के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर व प्रोजेक्टर आदि की व्यवस्था करने पर खर्च किया गया है।
इससे प्राथमिक स्कूलों के प्रति अभिभावकों का रुझान और अधिक बढ़ेगा और स्कूलों की दशा भी बदल गई है। बच्चों और अभिभावकों का आकर्षण भी स्कूलों के प्रति बढ़ रहा है। ऐसे स्कूलों में खेल मैदान निर्माण, भवन की मरम्मत, फर्नीचर, बच्चों के लिए खिलौने, मनोरंजन की वस्तुएं व रंग रोगन सहित संसाधनों को जुटाने के प्रयास किए गए हैं।
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ज्ञानोदय पाठशाला ददाहू में बनाया गया स्मार्ट क्लास रूम।- फोटो : NAHAN