मस्जिद क्षेत्र से चंद मीटर दूर चलता रहा प्रदर्शन
ढली टनल से संजौली बाजार पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद से करीब 50 मीटर दूर सड़क पर घंटों तक उग्र प्रदर्शन किया। मस्जिद जाने वाली सीढि़यों से प्रदर्शनकारी अंदर न घुसे, इसके लिए यहां सभी जवान इकट्ठा हुए। भारी बैरिकेडिंग, पानी की बौछारों और लाठीचार्ज के जरिये प्रदर्शनकारियों को मस्जिद परिसर की ओर नहीं जाने दिया गया। पुलिस के कई आलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन किसी की भीड़ को शांत करने की हिम्मत नहीं हुई।
खुफिया तंत्र फेल, सीआरपीएफ तक नहीं बुलाई
सरकार का खुफिया तंत्र पूरी तरह से नाकाम रहा। वहीं, मस्जिद से जुड़े इस संवेदनशील मामले में हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए सीआरपीएफ तक नहीं बुलाई गई। पुलिस बटालियन के सैकड़ों जवान तो संजौली में तैनात किए गए लेकिन उग्र भीड़ के सामने यह व्यवस्था नाकाफी दिखी। इससे पहले पुलिस ने मंगलवार रात बाजार में फ्लैग मार्च कर संजौली बाजार में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने का दावा किया था।
नेताओं को पहले पकड़ा, फिर छोड़ दिया
संजौली चौक पर प्रदर्शन करने पहुंचे हिंदू जागरण मंच के पूर्व महामंत्री कमल गौतम को पुलिस ने सुबह 11:50 बजे ही हिरासत में ले लिया। इसके बाद चौक पर नारेबाजी करते हुए पहुंचे सिविल सोसायटी के कई पदाधिकारी भी हिरासत में लिए गए। इनमें सोसायटी के हरिदत्त, बिलासपुर के रंजीत सिंह भी हिरासत में लिए गए। हालांकि, इन नेताओं को हिरासत में लेने के बाद कुछ दूर जाकर पुलिस ने छोड़ दिया।