पुलिस और प्रशासन ने हमें ही हमारे मंदिर में नहीं जाने दिया। प्रशासन चाहता तो पथराव की स्थिति नहीं आती। हमारे अनुयायी भीतर जाने लगे तो दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया। इस मामले की सीबीआई जांच हो।
- स्वामी रामरूपानंद, सह सचिव, रामकृष्ण मिशन आश्रम
हिमालयन ब्रह्मो समाज के लोग मंदिर में ब्रह्म उपासना करने लगे। कलश स्थापना की, तभी तन्महिमानंद और रामरूपानंद ने पूजा कर रहीं महिलाओं से अभद्र व्यवहार किया और कलश खंडित कर दिया। तन्महिमानंद ने लोगों को बुलाकर ब्रह्म समाज के लोगों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी
। - विशाल शर्मा, हिमालयन ब्रह्मो समाज शिमला के ट्रस्टी एवं महासचिव
वर्ष 2014 में हिमालयन ब्रह्म समाज ने रामकृष्ण मिशन आश्रम के नाम पर संपत्ति की गिफ्ट डीड की है। तबसे आश्रम के पास ही संपत्ति है। शनिवार शाम को सबकुछ ठीक चलता रहा। रात को मैं अपने कमरे चली गई। इसी बीच देर रात तेज आवाजें आने लगीं और पथराव होने लगा। पूरे मामले में मूकदर्शक बनी रही पुलिस और प्रशासन की भूमिका संदेहास्पद है।
-शैल पंडित, संयुक्त सचिव, हिमालयन ब्रह्म समाज