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Shimla News: हिमाचल के आश्रम में विवाद, दो पक्षों में पथराव, पुलिस कर्मियों समेत कई अनुयायी घायल; जानें मामला

Sun, 17 Nov 2024 09:59 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

शिमला में रामकृष्ण मिशन आश्रम और हिमालयन ब्रह्मो समाज के अनुयायियों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव, डंडों, कुर्सियों और गमलों से हमला कर दिया। इसमें तीन पुलिस कर्मियों समेत करीब सात लोगों को चोटें आई हैं। 
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शिमला के रामकृष्ण आश्रम में पथराव। - फोटो : ANI
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विस्तार
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रामकृष्ण मिशन आश्रम में कब्जे को लेकर दो संस्थाओं में विवाद बढ़ गया। शनिवार देर रात शिमला में रामकृष्ण मिशन आश्रम और हिमालयन ब्रह्मो समाज के अनुयायियों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव, डंडों, कुर्सियों और गमलों से हमला कर दिया। इसमें तीन पुलिस कर्मियों समेत करीब सात लोगों को चोटें आई हैं।  मंदिर को भी नुकसान पहुंचा है। मंदिर का दरवाजा टूट गया है और आश्रम की संपत्ति को भी क्षति पहुंची है। पुलिस ने इस संबंध में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। वीडियोग्राफी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार शनिवार शाम छह बजे हिमालयन ब्रह्मो समाज के करीब 100 लोग मंदिर पहुंचे। इस दौरान मंदिर में सुंदरकांड चल रहा था। स्वामी तन्महिमानंद के प्रवचन समाप्त होने के बाद ये लोग मंदिर में कलश स्थापना करने लगे। स्वामी तन्महिमानंद ने कलश स्थापना करने से मना किया। माहौल तनावपूर्ण होने पर सूचना पुलिस को दी गई। क्यूआरटी समेत पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी भी माैके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। 

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रामकृष्ण मिशन के अनुयायी और एक छात्र संगठन के लोग भी मौके पर पहुंच गए। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और देर रात 1:30 बजे दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव और गमलों समेत डंडों से हमला कर दिया। इसमें बीचबचाव करते तीन पुलिस कर्मियों समेत सात लोग घायल हो गए। पुलिस कर्मियों को आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया। शिमला के पुलिस अधीक्षक   एसके गांधी ने बताया कि पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। एक शिकायत  हिमालयन ब्रह्मो समाज के अनुयायियों के खिलाफ हिमालयन ब्रह्म समाज ने की है। संजौली मस्जिद विवाद में पत्थरबाजी करने वाले कुछ लोग भी हंगामे के दौरान मौजूद थे। संपत्ति पर कब्जे को लेकर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है और मामले की सुनवाई 28 जनवरी को होनी है।

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पुलिस और प्रशासन ने हमें ही हमारे मंदिर में नहीं जाने दिया। प्रशासन चाहता तो पथराव की स्थिति नहीं आती। हमारे अनुयायी भीतर जाने लगे तो दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया। इस मामले की सीबीआई जांच हो।   - स्वामी रामरूपानंद, सह सचिव, रामकृष्ण मिशन आश्रम

हिमालयन ब्रह्मो समाज के लोग मंदिर में ब्रह्म उपासना करने लगे। कलश स्थापना की, तभी तन्महिमानंद और रामरूपानंद ने पूजा कर रहीं महिलाओं से अभद्र व्यवहार किया और कलश खंडित कर दिया। तन्महिमानंद ने लोगों को बुलाकर ब्रह्म समाज के लोगों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।  - विशाल शर्मा, हिमालयन ब्रह्मो समाज शिमला के ट्रस्टी एवं महासचिव

वर्ष 2014 में हिमालयन ब्रह्म समाज ने रामकृष्ण मिशन आश्रम के नाम पर संपत्ति की गिफ्ट डीड की है। तबसे आश्रम के पास ही संपत्ति है। शनिवार  शाम को सबकुछ ठीक चलता रहा। रात को मैं अपने कमरे चली गई। इसी बीच देर रात तेज आवाजें आने लगीं और पथराव होने लगा। पूरे मामले में मूकदर्शक बनी रही पुलिस और प्रशासन की भूमिका संदेहास्पद है। -शैल पंडित, संयुक्त सचिव, हिमालयन ब्रह्म समाज 

 
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