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शिमला: जगत सिंह नेगी बोले- धरती पर बोझ तो भाजपा सांसद कंगना रणौत हैं, पछता रहे मंडी के लोग

Fri, 09 Oct 2026 06:24 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शिमला में मीडिया से बातचीत में नेगी ने कंगना पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश बोझ है तो उन्हें यहां से सांसद बने रहने का क्या औचित्य है। उन्होंने कंगना को इस्तीफा देने की नसीहत देते हुए कहा कि मंडी के लोग अब पछता रहे हैं।
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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मंडी से भाजपा सांसद कंगना रणौत के राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश को लेकर दिए गए बयान पर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने तीखा पलटवार किया है। शुक्रवार को शिमला में मीडिया से बातचीत में नेगी ने कंगना पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश बोझ है तो उन्हें यहां से सांसद बने रहने का क्या औचित्य है। उन्होंने कंगना को इस्तीफा देने की नसीहत देते हुए कहा कि मंडी के लोग अब पछता रहे हैं। नेगी ने तल्ख अंदाज में कहा, धरती पर बोझ तो कंगना रनौत हैं। नेगी ने आरोप लगाया कि कंगना का बयान किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है और इसके पीछे पार्टी आलाकमान के निर्देश होने की भी आशंका जताई।

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उन्होंने सवाल उठाया कि जिस प्रदेश ने उन्हें सांसद बनाकर संसद तक पहुंचाया, उसी प्रदेश को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना कितना उचित है। अगर कंगना को हिमाचल प्रदेश बोझ लगता है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। रोहड़ू में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अनदेखी को लेकर पूछे सवाल पर नेगी ने कहा कि वीरभद्र सिंह को किसी पोस्टर की आवश्यकता नहीं है। नेगी ने कहा कि प्रदेश के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार और वीरभद्र सिंह का योगदान ऐतिहासिक रहा है।
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एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को रोके जाने को लेकर नेगी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मौजूदा स्थिति को अघोषित इमरजेंसी करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया है। नेगी ने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में चुनावी लाभ हासिल करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया। उन्होंने भाजपा पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस अमृत काल की बात की जा रही है, उसमें संविधान को ही मृत करने की कोशिश हो रही है।
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