उन्होंने सवाल उठाया कि जिस प्रदेश ने उन्हें सांसद बनाकर संसद तक पहुंचाया, उसी प्रदेश को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना कितना उचित है। अगर कंगना को हिमाचल प्रदेश बोझ लगता है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। रोहड़ू में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अनदेखी को लेकर पूछे सवाल पर नेगी ने कहा कि वीरभद्र सिंह को किसी पोस्टर की आवश्यकता नहीं है। नेगी ने कहा कि प्रदेश के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार और वीरभद्र सिंह का योगदान ऐतिहासिक रहा है।
एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को रोके जाने को लेकर नेगी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मौजूदा स्थिति को अघोषित इमरजेंसी करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया है। नेगी ने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में चुनावी लाभ हासिल करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया। उन्होंने भाजपा पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस अमृत काल की बात की जा रही है, उसमें संविधान को ही मृत करने की कोशिश हो रही है।