बच्ची को लावारिस कुत्ता घसीटते हुए ले गया था
घर के गेट के पास खेल रही इस बच्ची को लावारिस कुत्ता घसीटते हुए ले गया था। 25 मीटर दूर इसे लोगों ने कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया था। इस घटना पर सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बच्ची के दादा समेत कई लोगों ने टाउनहॉल स्थित महापौर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस घटना के लिए नगर निगम जिम्मेदार है। नगर निगम शिकायतों के बावजूद हमलावर कुत्तों को नहीं पकड़ रहा है। शहर में नसबंदी तक बंद है। धरने पर बैठे गदर फ्रंट के संयोजक रवि कुमार, मदद सेवा ट्रस्ट के संयोजक विकास थापटा ने कहा कि यह घटना केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं है बल्कि शहर में सभी नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है। शहर में पहले भी कुत्तों और बंदरों के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं लेकिन नगर निगम और सरकार राहत नहीं दिला पाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के बाद सिर्फ आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नगर निगम को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर प्रभावी कदम उठाने चाहिए। धरने में शामिल हुए बच्चे के दादा के भाई करनैल सिंह ने भी लावारिस कुत्तों को हटाने की मांग की। उपमहापौर उमा कौशल ने धरने को खत्म करवाया। आश्वासन दिया कि अधिकारियों को जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। बताया कि निगम ने हमलावर कुत्ते को भी पकड़ लिया है।
रोते हुए टाउनहॉल पहुंचे बच्ची के दादा
इससे पहले सोमवार सुबह बच्ची के दादा प्रताप सिंह टाउनहॉल पहुंचे। यहां महापौर नहीं थे। प्रताप सिंह उपमहापौर उमा कौशल से मिले और रोते हुए कहा कि उनकी पोती को कुत्ते ने बुरी तरह से जख्मी कर दिया है। नगर निगम को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। शाम करीब 4:00 बजे उप महापौर उमा कौशल, कई पार्षद, कारोबारी, समाजसेवी भी आईजीएमसी पहुंचे और घायल बच्ची का हालचाल जाना। उपमहापौर उमा कौशल ने अस्पताल प्रिंसिपल सीता ठाकुर से बात की और बच्ची को निशुल्क उपचार देने के निर्देश दिए।
नगर निगम आयुक्त ने दिए कुत्तों को पकड़ने के निर्देश
राजधानी में हमलावर कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर निगम ने निर्देश जारी कर दिए हैं। शांकली में बच्ची पर कुत्ते के हमले की घटना के बाद नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने सोमवार सुबह ही अधिकारियों की बैठक बुला ली। इसमें लावारिस कुत्तों से जुड़ी शिकायतें बढ़ने पर अधिकारियों से चर्चा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि जो कुत्ते बार-बार लोगों को काट रहे हैं, उन्हें पकड़ा जाए। इन्हें डॉग हट में रखें। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अंजलि चौहान को निर्देश दिए कि कुत्तों की नसबंदी को लेकर इस महीने से अभियान चलाया जाए। इसमें संस्थाओं की भी मदद ली जाए। नसबंदी के अलावा कुत्तों का टीकाकरण अभियान भी जल्द शुरू किया जाए। नगर निगम की हेल्पलाइन नंबर या पार्षदों से कुत्तों को लेकर जो शिकायतें मिल रही हैं, उन्हें गंभीरता से सुना जाए। कुत्तों को पकड़ने के लिए अतिरिक्त गाड़ी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। वहीं महापौर सुरेंद्र चौहान ने भी शहर में लावारिस कुत्तों के मामले में गंभीरता दिखाने के निर्देश दिए हैं।
नसबंदी के लिए डॉक्टर तक नहीं, पद खाली
नगर निगम में लावारिस कुत्तों से जुड़ी शिकायतों का निपटारा वेटनरी पब्लिक हेल्थ ऑफिसर करता है लेकिन निगम में पिछले कई महीने से यह पद खाली पड़ा है। निगम में कुत्तों की नसबंदी या टीकाकरण के लिए स्थायी डॉक्टर तक नहीं है। ऐसे में नगर निगम जनता से मिलने वाली शिकायतों तक का निपटारा नहीं कर पा रहा है। इस बारे में सरकार से भी पत्राचार किया गया है लेकिन अभी तक डॉक्टर या अधिकारी की तैनाती नहीं हुई है।