मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मिला भवन मालिकों और स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल।
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कैथलीघाट-ढली फोरलेन की भट्टाकुफर से चलौंठी तक बन रही ट्विन टनल के एलाइनमेंट में आने वाले नगर निगम के शांति विहार वार्ड के आठ से दस मकानों में दरारें आने के मामले को लेकर मंगलवार को भवन मालिकों और स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल सचिवालय में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह से कार्यालय में मिला। इन दिनों उनके पास लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार भी है। प्रभावितों की बात सुनने के बाद पंचायती राज मंत्री ने कहा कि वे इस गंभीर मामले को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। पर्यावरणविदों, भूवैज्ञानिकों और अन्य अधिकारियों की एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन कर इसकी जांच करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि वे किसी सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश या जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने का सुझाव दिया जाएगा, जिससे भवनों को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मुलाकात के दौरान पार्षद विनीत शर्मा, पूर्व पार्षद राजेंद्र चौहान, भट्टाकुफर के पार्षद नरेंद्र ठाकुर, राजेंद्र चौहान, विकास वर्मा, सुनी चौहान, गोविंद चतरांटा, अंशुल चौहान सहित अन्य भवन मालिकों ने मकानों में आ रही दरारों की समस्या को उठाया और इसके स्थायी समाधान की मांग की। इन लोगों ने मांग की कि आईआईटी की विशेष टीम की जांच पूरी होने और भवनों के सुरक्षित होने का प्रमाण मिलने, टनल के एलाइनमेंट में आने वाले भवनों को टनल की खुदाई से कोई फर्क पड़ेगा या नहीं, इसकी विस्तृत रिपोर्ट आने और भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के बाद ही निर्माण की अनुमति दिए जाने की मांग प्रमुखता से की।