शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेता दोहरे मापदंड न अपनाए। 2022 में एक साल के लिए निगम चुनाव टले थे। भाजपा शासित कई अन्य राज्यों में भी विभिन्न कारणों से चुनाव टाले गए थे। हिमाचल में कांग्रेस सरकार की आलोचना करते समय भाजपा को ऐसे संदर्भों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
शुक्रवार को राज्य सचिवालय में पत्रकार वार्ता में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थिति सामान्य होने पर पंचायत चुनाव करवाएं जाएंगे। नागरिकों की सुरक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोपरि प्राथमिकता है। पंचायत चुनावों का स्थगन विशुद्ध रूप से प्रशासनिक है, जो अधिकारियों की वैध सिफारिशों पर आधारित है। राज्य हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि रचनात्मक विपक्ष की तरह कार्य करने की जगह भाजपा जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने राज्य की स्थिति से अवगत कराने के लिए कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की और प्रभावित परिवारों के लिए सहायता की अपील की। इन लगातार प्रयासों के बावजूद केंद्र ने आवश्यक समर्थन नही दिया। विपक्ष ने बार-बार इस प्रक्रिया में बाधा डाली। विपक्ष हिमाचल प्रदेश के अधिकारों का केंद्र में प्रतिनिधित्व करने में पूरी तरह विफल रहा है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेता निराधार आलोचना और राजनीतिक स्कोरिंग में लिप्त हैं, वहीं कांग्रेस सरकार लोगों के कल्याण और राज्य के पुनर्निर्माण के साथ-साथ शिक्षा में बदलाव और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। साक्षरता, स्कूल के बुनियादी ढांचे, सीखने के परिणामों और छात्र कल्याण में हुए ठोस सुधार सभी क्षेत्रों में दीर्घकालिक विकास, समानता और उत्कृष्टता पर सरकार के ध्यान को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।