दो ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन शुरू, पांच और बनेंगे
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र के दो स्टेशन काम करना शुरू कर चुके हैं और पांच और स्थापित किए जाएंगे। इन स्टेशनों में वाहनों की फिटनेस की तकनीकी आधार पर जांच होगी। उन्होंने कहा कि जब तक ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन की व्यवस्था पूरी नहीं हो जाती, तब तक मैनुअल फिटनेस जांच की व्यवस्था जारी रखने के लिए केंद्र से आग्रह किया गया है। केंद्र से पत्र भी आया है और इस पर विचार-विमर्श चल रहा है।
जयराम बोले- केंद्र ने पहले ही 15 साल की व्यवस्था की, प्रदेश ने क्यों नहीं की
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटर कई दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने उनके मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने टैक्सी वाहनों के लिए 15 साल की व्यवस्था पहले ही कर दी थी, ऐसे में प्रदेश सरकार ने समय रहते इसे लागू क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन कई जगहों से 150 से 200 किलोमीटर दूर हैं और वहां वाहनों में कई कमियां निकालकर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। सरकार को जल्द से जल्द मैनुअल फिटनेस जांच की व्यवस्था की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में टैक्सी ऑपरेटरों की महत्वपूर्ण भूमिका है और इस व्यवस्था का पर्यटन पर भी असर पड़ रहा है।