रामपुर बुशहर। अव्यवस्थाओं की मार झेल रहे महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से महिला अधिवक्ता की मौत हो गई है। आरोप है कि समय पर ऑपरेशन नहीं होने से महिला अधिवक्ता की जान चली गई। बार एसोसिएशन रामपुर की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ गैरा इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। बार एसोसिएशन ने पूरे मामले में एसडीएम रामपुर के माध्यम से प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष को भी ज्ञापन भेजा है।
जानकारी के अनुसार रविवार को अधिवक्ता मेनका श्याम पत्नी गौरव रोच को पेट में दर्द होने के बाद खनेरी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जांच के बाद सोमवार सुबह मरीज का ऑपरेशन करने का समय तय किया गया। परिजनों ने सुबह ऑपरेशन का सारा सामान भी मंगवा लिया था।
इसी बीच एनेस्थीसिया के चिकित्सक दस बजे अस्पताल तो पहुंचे लेकिन न्यायालय में सुनवाई होने की बात कहकर चले गए। इससे मरीज का ऑपरेशन लटक गया। बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि चिकित्सक की अदालत में कोई पेश नहीं थी और वह अपने किसी निजी काम से दूसरी जगह चले गए। कई बार फोन करने के बाद चिकित्सक शाम करीब साढ़े चार बजे अस्पताल पहुंचे और साढ़े पांच बजे के बाद ऑपरेशन शुरू हुआ।
करीब ढाई घंटे चले ऑपरेशन के बाद भी मरीज को आराम न मिला और हालत खराब होने पर शिमला रेफर किया गया। इस दौरान रास्ते में ही मरीज ने दम तोड़ दिया। बार एसोसिएशन बार एसोसिएशन के महासचिव अविनाश वर्मा ने इस मामले में चिकित्सक के खिलाफ डीएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। खनेरी अस्पताल के एमएस डॉ. सुनील शर्मा से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई। मगर वह उपलब्ध नहीं हो पाए।
डीएसपी रामपुर चंद्रशेखर ने बताया कि बार एसोसिएशन ने खनेरी अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन में जुटी है।
खनेरी अस्पताल के एनेस्थीसिया डॉक्टर ने बताया कि उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। ऑपरेशन से पूर्व उन्हें कोई सूचना नहीं मिली। जिस दिन ऑपरेशन होना था उस दिन वह अवकाश पर थे।