प्राथमिक उपचार के लिए मरीजों को लगानी पड़ रही 40 किलोमीटर की दौड़
तीन पंचायतों के हजारों लोग उपचार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। कई इलाकों में स्टाफ की कमी की मार हजारों मरीज झेल रहे हैं। इस कारण मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी कई किलोमीटर दूर की दौड़ लगानी पड़ रही है। ऐसा ही हाल रामपुर के 12/20 देवठी स्थित आयुष्मान भारत हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर का है। यह क्षेत्र सातवें वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं रामपुर के विधायक नंद लाल का गृह क्षेत्र है।
विधायक के गृह क्षेत्र में ही ऐसे हाल हैं, तो अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे होंगी। अस्पताल में हजारों ग्रामीणों का स्वास्थ्य राम भरोसे चल रहा है। पांच माह से यह अस्पताल चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के हवाले है, जिससे क्षेत्र के हजारों ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। अस्पताल में चिकित्सक, फार्मासिस्ट, नर्स और रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। ऐसे में हजारों मरीजों को मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए 40 किलोमीटर दूर खनेरी और सैकड़ों किलोमीटर दूर शिमला जाना पड़ता है। इसके अलावा मजबूरन निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। आयुष्मान भारत हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर देवठी से तीन पंचायतों देवठी, कूहल और मुनीश के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं। स्टाफ न होने से सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों को सरकार की घर द्वार सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस कारण ग्रामीणों को दोहरी मार पड़ रही है।
रिक्त पद जल्द भरे जाएं
किसान सभा जिला अध्यक्ष प्रेम चौहान, दिनेश मेहता, सुनील, प्रेमराज और देवेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि पिछले पांच माह से हेल्थ सेंटर देवठी में न चिकित्सक, न नर्स, फार्मासिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त पड़े हुए हैं। मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी मरीजों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और विभाग से जल्द से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई है, ताकि मरीजों को घर द्वार स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सरकार और उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द रिक्त पदों को भरा जाएगा।
- डॉ. आरके नेगी, बीएमओ रामपुर