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Rampur Bushahar News: चेक बाउंस मामले में दोषी को तीन महीने की जेल

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चेक बाउंस मामले में दोषी को तीन महीने की जेल. शिकायतकर्ता का 75 हजार रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश. अदालत की टिप्पणी, सुरक्षा के तौर पर जारी किया गया चेक भी शिकायत दर्ज करने के लिए वैध
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रामपुर बुशहर
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामपुर बुशहर की अदालत ने चेक बाउंस के आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही शिकायतकर्ता को 75 हजार रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। मामले का शिकायतकर्ता कमला नंद धराईक सेब ग्रेडिंग और पैकेजिंग मशीन के साथ फॉरवर्डिंग एजेंसी के मालिक हैं। आरोपी नारायण दास भी एक सेब उत्पादक हैं। वर्ष 2022 में, सेब के मौसम के दौरान नारायण दास ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये उधार लिए। उन्होंने शिकायतकर्ता की फॉरवर्डिंग एजेंसी के माध्यम से सेब के बक्से बेचने का आश्वासन दिया था। इसके बाद, नारायण दास ने 50 हजार रुपये का एक पोस्ट-डेटेड चेक शिकायतकर्ता को दिया। चेक बाउंस होने के बाद, शिकायतकर्ता ने 6 फरवरी 2023 को नारायण दास को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। अदालत ने 21 अगस्त 2023 को मामले का संज्ञान लिया। शिकायतकर्ता ने अपने मामले को साबित करने के लिए चेक, बाउंस मेमो और कानूनी नोटिस जैसे दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। नारायण दास ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने केवल 10,000 रुपये लिए थे और चेक सुरक्षा के तौर पर दिया गया था, जिसका शिकायतकर्ता ने दुरुपयोग किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि चेक खाली था और बाद में भरा गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड की जांच करने के बाद पाया कि नारायण दास ने अपनी देनदारी को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। अदालत ने कहा कि सुरक्षा के तौर पर जारी किया गया चेक भी नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज करने के लिए वैध है। सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए, अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि नारायण दास शिकायतकर्ता को चेक राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं। अदालत ने नारायण दास को दोषी ठहराया और उन्हें तीन महीने के साधारण कारावास और 75 हजार रुपये के मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया।
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