क्वार पंचायत में मनरेगा के तहत बन रही गोशाला के निर्माण में हुआ घपला
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहडू। डोडरा क्वार उपमंडल की क्वार पंचायत में मनरेगा के तहत बन रही गोशाला की छत पर लगने वाली लोहे की चादरों में गोलमाल सामने आया है। उप प्रधान की ओर से इसकी लिखित शिकायत विकास खंड अधिकारी तक की गई। अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे तो शिकायत को रफादफा कर शिकायत कर्ता उप प्रधान और पंचायत प्रधान के बीच समझौता करवा दिया गया।
जानकारी के अरुसार डोडरा क्वार में मनरेगा के तहत गाय के करीब 16 शैड को मंजूरी मिली थी। शैड का निर्माण करने के बाद छत के लिए चादरों की खरीदारी पंचायत की ओर से की गई। शैड के लिए सरकारी मानदंडों को किनारे कर पंचायत ने हल्की चादरें खरीद कर लोगों को उपलब्ध करवाई गईं। गांव में चादरों की खरीद और गुणवत्ता पर चर्चा शुरू हुई तो क्वार पंचायत के उप प्रधान राजकुमार ने इसकी शिकायत विकास खंड अधिकारी चिड़गांव से की। विकास खंड अधिकारी मौके पर जांच के लिए पहुंचे उन्होंने शैड के लिए खरीदी गई कुछ चादरों तक मापदंड के अनुसार हल्की पाया। खरीदी गई कई चादरें लोगों ने गोशाला की छत पर लगा दी हैं। अब मामले को रफादफ करने के लिए जांच के दौरान कुछ बिचौलिए के माध्यम से उप प्रधान और प्रधान के बीच बीडीओ के पहुंचने पर समझौता किया गया। अब मिल कर सारा आरोप छत की चादर बेचने वाली दुकानदार पर डाला गया। अब समझौते में तय किया कि कुछ चादरें हल्की पाई गईं उनको पंचायत प्रधान वापस रोहडू के डीलर तक पहुंचा कर बदले में मजबूर चादरें खरीदेगा। समझौते में इसके लिए दस से पंद्रह दिन का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि गांव में चर्चा चल रही है कि गो शैड निर्माण में पंचायतों की ओर से मनरेगा के तहत खुल कर धांधली हो रही है। कई हल्की चादरें लोगों ने गोशाला के छत पर लगा दी हैं।
- मैं स्वयं जांच के लिए क्वार पंचायत में गया था। दो दिन पहले ही जांच में छत की चादरें हल्की पाई गई हैं। इस दौरान प्रधान उप प्रधान और ग्रामीणों के बीच समझौता को गया कि पंद्रह दिन में खराब चादरों को डीलर के पास लौटा कर उसकी एवज में दूसरी चादरें लाभार्थी को पंचायत उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा शैड का निर्माण पंचायत की ओर से मनरेगा के तहत किया जा रहा है।
- रामेश्वार चौधरी, बीडीओ, चिड़गांव