उपमंडल की 5 सड़कें यातायात के लिए बंद, ग्रामीणों की दुश्वारियां बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड(कुल्लू)।
बरसात के दौरान आपदा से उपमंडल निरमंड में भारी नुकसान हुआ था। आपदा के डेढ़ महीने बाद भी ग्रामीणों की दुश्वारियां बरकरार हैं। उपमंडल मुख्यालय निरमंड को जोड़ने वाली दुराह-उरटू सड़क डेढ़ महीने से बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए ठप पड़ी है। मुख्य सड़क बाधित होने से ग्रामीणों को परिवहन सेवाओं से वंचित होना पड़ रहा है। वहीं, उपमंडल की 5 सड़कें अभी भी यातायात के लिए बंद पड़ी हैं। यातायात व्यवस्था ठप होने से 10 पंचायतों के ग्रामीण परेशान हैं। निरमंड की मुख्य दुराह-उरटू, कलोग-डवारच, कुश्वा, निरमंड-बागीपुल और ठारवा सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है। उपमंडल आनी की लढागी, बुच्छैर, डीम, गाड, बागीपुल, जाओं, चायल, जुआगी आदि क्षेत्रों की कई ग्रामीण सड़कों पर दो महीने से परिवहन सेवाओं का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा। भारी बरसात और आपदा से लोक निर्माण विभाग की कुल 102 सड़कों को भारी क्षति पहुंची थी। जगह-जगह डंगे ढहने और भूस्खलन की चपेट में आने से सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हो गई थीं। लोक निर्माण विभाग मंडल निरमंड को आपदा से करीब 35 करोड़ की क्षति पहुंची है। कई क्षेत्रों में ग्रामीण मिलकर सड़कों को बहाल करने में जुटे हैं। निगम की चार बसें अभी भी ग्रामीण रूटों में फंसी हुई हैं। ग्रामीण रूटों पर बस सेवाएं ठप होने से ग्रामीण छोटे वाहनों में भारी भरकम किराया देकर सफर करने को मजबूर हैं, जबकि कई इलाकों में लोग पैदल अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
भारी बरसात से बाधित पांच सड़कों को बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। मौके पर मशीनें और मजदूर सड़क को बहाल करने में जुटे हुए हैं। जल्द ही सड़कों को बहाल कर दिया जाएगा।
- आनंद शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मंडल निरमंड
उपमंडल निरमंड में बाधित सडक़ को बहाल करने में जुटे युवा। संवाद