यात्रा के लिए बचा एक महीना, सुधार को लेकर प्रशासन का काम धीमा
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राकेश बिनी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)। उत्तर भारत की कठिनतम धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा को मात्र एक महीना बचा है। 10 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा 14 दिन तक चलेगी, लेकिन अभी तक पिछले साल बरसात में क्षतिग्रस्त हुए यात्रा के रास्तों की हालत नहीं सुधरी है। ऐसे में श्रीखंड यात्रा के क्षतिग्रस्त रास्ते श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ाएंगे। पिछले वर्ष 31 जुलाई को बादल फटने से आई बाढ़ ने यात्रा मार्ग पर भारी तबाही मचाई थी। इससे कई स्थानों पर रास्ते पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। वहीं, रास्तों की मरम्मत को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। प्रशासन की ओर से भेजी गई रेकी टीम की रिपोर्ट के अनुसार ब्राहटी नाला में रास्ता पूरी तरह से टूटा हुआ है, जबकि भीम डवारी और पार्वती बाग के बीच का मार्ग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। कुछ स्थानों पर वैकल्पिक पुलियों की आवश्यकता भी है। मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में उपायुक्त कुल्लू ने स्थिति का जायजा लिया, लेकिन रिपोर्ट में वन विभाग की ओर से मरम्मत पर खर्च होने वाले बजट का अनुमान नहीं लगाया गया, जिससे समय पर मरम्मत को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, भीम डवारी के पास बाढ़ से कुछ मीटर की गहरी खाई बन गई है, जहां न केवल नया रास्ता बनाना जरूरी है, बल्कि एक वैकल्पिक पुल भी लगाना अनिवार्य हो गया है। ब्राहटी नाला के पास भी रास्ता बेहद खतरनाक स्थिति में है, जिसे यात्रा शुरू होने से पहले दुरुस्त करना अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, राहत की बात यह है कि पार्वती बाग से श्रीखंड महादेव की चोटी तक का रास्ता सुरक्षित और सुचारु बताया गया है। यहां कुछ स्थानों पर हल्की मरम्मत की जरूरत है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को जल्द ही आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देनी होगी, अन्यथा इस पवित्र यात्रा में जोखिम की आशंका बनी रह सकती है।
श्रीखंड यात्रा के रास्तों को दुरुस्त करने का काम जोरों पर है। वन विभाग को जल्द एस्टीमेट बनाने के निर्देश दे दिए हैं। यात्रा शुरू होने से पहले रास्ते दुरुस्त कर दिए जाएंगे। - मनमोहन सिंह, एसडीएम निरमंड