उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक मौके पर अधिकारियों के साथ जायजा लेते हुए
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भावानगर (किन्नौर)। निगुलसरी हादसे के बाद तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन में लगे बचाव दल को शुक्रवार सुबह से बार-बार पत्थरों के गिरने परेशानियां सामने आई। फिर भी बचाव दल ने शुक्रवार को मलबे में दबे 3 शव बरामद कर लिए हैं। कुल 17 शव अभी तक बरामद हुए हैं। अभी और 12 के करीब लापता लोगों को खोजने में बचाव दल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। पहले दिन हादसा स्थल के नीचे सड़क निर्माण करने में काफी समय लग गया। शनिवार सुबह से फिर सर्च ऑपरेशन शुरू होगा। वहीं निगुलसरी में शुक्रवार को पत्थर गिरने से एचआरटीसी की बस में सवार दो लोगों को चोट भी आई है। जिसके कारण निगुलसरी प्वाइंट पर अभी भी यातायात के लिए खतरा बना हुआ है। इसलिए प्रशासन ने आगामी आदेश तक रात 9 बजे से लेकर सुबह 9 बजे तक एनएच-5 को बंद किया है। लोगों की सुरक्षा के लिए दोनों ओर पुलिस टीम को तैनात किया गया है ताकि लोगों को समय-समय पर सही जानकारी मिल सके। सुबह 9 बजे से लेकर देर शाम तक निगुलसरी हादसा स्थल के पास बार-बार एचएच -5 बंद होने पर दोनों ओर जाम लगने से यात्रियों को भी कुछ देर तक परेशान होना पड़ा।
डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि शाम साढ़े चार बजे के बाद ऊपरी पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद सर्च ऑपरेशन को बंद कर दिया है। शनिवार सुबह से दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू होगा।
निगुलसरी हादसे की हो जांच : केसर
किन्नौर कांग्रेस के प्रवक्ता केसर नेगी ने कहा कि हादसे के बाद तीन फेसबुक यूजर्स ने पोस्ट की थी, जिसमें स्पष्ट कहा था कि एचआरटीसी की बस नीचे है, इसके बावजूद जिला प्रशासन ने हादसे के बाद प्रत्यक्षदर्शियों के पोस्ट को नजरअंदाज किया और बस को सड़क में ही ढूंढते रहे। वहीं पूरा मलबा नीचे फेंकते रहे। ऐसे में संभव था कुछ लोगों की जान बच सकती थी। उन्होंने मांग की है कि निगुलसरी हादसे की जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।