बल्क एसएमएस के जरिये एसजेवीएन लोगों को करेगा सतर्क
आपदा के समय हेल्पलाइन नंबर 1077 पर करें संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर में बरसात से निपटने की तैयारियों को लेकर मंगलवार को एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एसडीएम ने कहा कि हैरानी की बात है कि आपदा से निपटने के लिए अब तक उपमंडल स्तर पर रामपुर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का गठन नहीं हो पाया है। क्वीक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) का भी गठन न होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जल्द ही एसडीएमए (उपमंडल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) का गठन किया जाएगा और क्यूआरटी भी बनाई जाएगी। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को बरसात के दौरान जान-माल की क्षति को कम करने और आपदा से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सतलुज नदी के जलस्तर बढ़ने पर सतलुज जल शक्ति निगम ( एसजेवीएन) लोगों को बल्क एसएमएस के माध्यम से सूचित करेगा, ताकि नदी का बहाव बढ़ने पर किसी भी प्रकार के खतरे से बचा जा सके। उन्होंने आपदा के समय हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एसडीएम और डीएसपी कार्यालय में हेल्पलाइन नंबर स्थापित किया जाएगा, जबकि टोल फ्री नंबर 1077 का व्यापक प्रचार किया जाएगा, ताकि आपदा के समय लोग मदद के लिए संपर्क कर सकें।
एसडीएम ने भारतीय नेशनल हाईवे प्राधिकारण (एनएचएआई) , नगर परिषद रामपुर और लोक निर्माण विभाग को सभी निकासी नालियों को साफ करने के निर्देश दिए। जल शक्ति विभाग को बरसात से पहले पानी के भंडारण टैंकों की सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सतलुज जल शक्ति निगम को डैम से जल निकासी का समय रहते सभी को सूचित करने के निर्देश दिए। एनएचएआई और वन विभाग को निर्देश दिए कि सड़कों के किनारे खतरों भरे पेड़ों की जल्द सूची तैयार की जाए, ताकि उस पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जा सके। उन्होंने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तर्ज पर उपमंडलीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का गठन किया जाएगा और सभी जानकारी इस पर साझा की जाएगी। इस मौके पर डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा, खनेरी अस्पताल के एमएस डॉ. रोशन लाल कौंडल, अधिशासी अभियंता जल शक्ति रसबीर नेगी, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड कुक्कू शर्मा, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी बाबू राम, सहायक नगर योजनाकार प्रियंका भंडारी, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, भारतीय सेना, लोक निर्माण विभाग, कृषि, बागवानी, गृह रक्षा विभाग सहित अन्य मौजूद रहे।
सेना, पुलिस और अधिकारियों को दिए निर्देश
बैठक में एसडीएम ने सेना, एनडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस, एसडीआरएफ, पैरामिलिट्री, आईटीबीपी, अग्निशमन विभाग को संसाधन और मैन पॉवर की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और पुलिस को जागरुकता शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग को आवश्यक खाद्य वस्तुओं का भंडारण करने और उपमंडल के दुर्गम क्षेत्रों में दो महीने का राशन लोगों को वितरित करने के लिए कहा। साथ ही घरेलू गैस सिलिंडर की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली बोर्ड को बिजली के खतरनाक बने खंभों और तारों का निरीक्षण कर दुरुस्त करने को कहा। सूचना एवं जन संपर्क विभाग को आपदा के समय सोशल मीडिया की अफवाहों पर नजर रखने और मीडिया के जरिये स्टीक जानकारी लोगों को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
- संवाद