चार जिलों के छात्र-छात्राओं को करना होगा और इंतजार
2015 में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रखी थी भवन की आधारशिला
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बाद सबसे अधिक विषयों में पीजी करवा रहे रामपुर महाविद्यालय में वर्षों बाद भी विज्ञान विषय के विद्यार्थियों को साइंस ब्लॉक का लाभ नहीं मिल पाया है। दस वर्ष के लंबे अंतराल के बाद भी पीजी कॉलेज के विज्ञान विषय के विद्यार्थी आधुनिक लैब और कक्षाओं की कमी से जूझ रहे हैं। इस पीजी कॉलेज में चार जिलों से शिमला, कुल्लू, किन्नौर, मंडी और प्रदेश के अन्य जिलों से सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने पहुंचते हैं। एक दशक की लंबी अवधि के बाद भी भवन के अभाव में सैकड़ों विद्यार्थी समस्याएं झेलने को मजबूर हैं।
पीजी कॉलेज रामपुर में वर्ष-दर-वर्ष छात्र-छात्राओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन अफसोस की बात है कि कई वर्ष बीतने के बाद भी कॉलेज में साइंस ब्लॉक का विद्यार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। पीजी कॉलेज में छात्रों की समस्याओं और आधारभूत ढांचे में सुधार करने के उद्देश्य से तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2015 में पीजी कॉलेज रामपुर में वाणिज्य और विज्ञान ब्लॉक की आधारशिला रखी थी। बहुमंजिला इन दोनों भवनों के निर्माण पर 13 करोड़ 12 लाख, 39 हजार रुपये की राशि खर्च की गई है। वाणिज्य ब्लॉक को लोक निर्माण विभाग ने कॉलेज प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है, जबकि विज्ञान ब्लॉक का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। कॉलेज में वर्तमान में बीएससी में 313 और एमएससी में 150 छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वर्षों से छात्रों को साइंस ब्लॉक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। विज्ञान विषय में स्नातक और स्नातकोत्तर के लिए हर वर्ष सैकड़ों छात्र कॉलेज में प्रवेश ले रहे हैं, लेकिन सैकड़ों छात्रों को आवश्यकता अनुसार कक्षाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं में खासी मायूसी है।
वर्तमान में साइंस ब्लॉक में प्रयोगशाला का कार्य प्रगति पर है। नए शैक्षणिक सत्र से विज्ञान ब्लॉक का छात्र-छात्राओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
- डॉ. पंकज बसोतिया, प्राचार्य, रामपुर महाविद्यालय