दस करोड़ की लागत से तैयार तीन मंजिला भवन की रखवाली करने वाला कोई नहीं
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एक एचडीओ के हवाले ढाई सौ बीघा भूमि, वो भी प्रतिनियुक्ति पर दे रहे हैं सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग विधानसभा क्षेत्र के शिलारू में सत्यानंद स्टोक्स शीतोष्ण बागवानी उत्कृष्ट केंद्र एक वर्ष से उद्घाटन के इंतजार में है। विश्व बैंक के सहयोग से हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से इस केंद्र का निर्माण किया गया था।
केंद्र के लिए तीन मंजिला अत्याधुनिक भवन बनाए गए हैं। हाल यह है कि भवन की रखवाली के लिए भी कोई नियमित कर्मचारी नहीं है। शिलारू में सत्यानंद स्टोक्स शीतोष्ण बागवानी उत्कृष्ट केंद्र ऊपरी शिमला के बागवानों को उन्नत सेवाएं देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। बागवानी विभाग के पास यहां करीब ढाई सौ बीघा भूमि है। इस भूमि पर सेब समेत विभिन्न प्रकार के फलदार पौधों की नर्सरी तैयार की जा रही है। इसके अलावा ब्लूबेरी जैसे उच्च मूल्य वाले फलों के पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं। ऐसे में इस उत्कृष्ट केंद्र का संचालन शुरू होना क्षेत्रीय बागवानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है। करोड़ों की लागत से बना भवन उद्घाटन की राह ताक रहा है। यहां तीन मंजिला भवन में 15 कमरे, डाइनिंग हॉल, कॉन्फ्रेंस हॉल, कार्यालय, पार्किंग सुविधा सहित प्रशिक्षण की पूर्ण व्यवस्था मौजूद है। जिस स्थान पर यह भवन बनाया गया है, वहां से दिखाई देने वाला प्राकृतिक दृश्य पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद आकर्षक है, जो केंद्र की उपयोगिता को और बढ़ाता है। इसके बावजूद न तो अब तक इसका उद्घाटन हुआ है और न ही रखरखाव या संचालन के लिए मल्टी टास्क कर्मियों और अन्य आवश्यक स्टाफ की तैनाती की गई है। स्थानीय बागवान सुधीर शर्मा का कहना है कि यदि इस भवन को शीघ्र चालू किया जाए, तो उन्हें आधुनिक तकनीकों, प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री का सीधा लाभ मिल सकता है। उनका आग्रह है कि सरकार जल्द उद्घाटन कर आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करे।
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एक एचडीओ प्रतिनियुक्ति दे रहा सेवा
वर्तमान में यहां एक एचडीओ प्रतिनियुक्ति पर सेवा दे रहे हैं। दो केंद्रों की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद तैनात एचडीओ की ओर से लाखों रुपये के रूट स्टॉक पौधों का विक्रय किया गया है।