संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जिले की सांगला वैली के हजारों लोग मंडी डिपो की सांगला-छितकुल-मंडी रूप पर चलने वाली बस सेवा से वंचित हैं। चार वर्ष से इस रूट पर निगम की बस सेवा ठप पड़ी हुई है और हजारों लोगों सहित पर्यटकों को आवाजाही करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। इस बस रूट से बौद्ध धर्म में आस्था रखने वाले श्रद्धालु, स्थानीय ग्रामीणों के अलावा देश-विदेश से किन्नौर की खूबसूरती निहारने पहुंचने वाले पर्यटक लाभान्वित होते हैं, लेकिन यह बस सेवा वर्ष 2020 से बंद है। किल्बा, सापनी, ब्रुआ, शौंग, चांसू, सांगला, कामरू, थैमगांरग, बटसेरी, रक्षम और छितकुल पंचायतों के हजारों लोग रिवाल्सर सहित अन्य धार्मिक स्थलों को आवाजाही करते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के किन्नौर दौरे के दौरान आश्वासन के बाद मात्र दो माह ही निगम की बस चली थी। सुक्खू ने दौरे के दौरान मिले आश्वासन के बाद वर्ष 2023 में मात्र में दो माह ही बस सेवा चली थी।
बस सेवा बहाल करने की मांग
प्रधान सांगला पंचायत देवसांकी नेगी, बटसेरी पंचायत प्रधान प्रदीप नेगी, प्रधान चांसू बीरबल लोक्ट्स, प्रधान थैमगांरग मनोहर देवी नेगी, प्रधान शौंग राम प्यारी नेगी, उपप्रधान कामरू विजेंद्र सिंह नेगी, उपप्रधान रक्षम खजान सिंह नेगी, दीपक नेगी, दिव्या नेगी, अरुण नेगी, महेंद्र नेगी, सुरजीत नेगी और सांबा दोर्जें नेगी ने प्रदेश सरकार और पथ परिवहन निगम प्रबंधन से जल्द से जल्द बस सेवा बहाल करने की मांग उठाई है।
मुख्य कार्यालय के आदेश के बाद रूट बंद
मंडी-धर्मपुर और मंडी-सांगला-छितकुल रूट पर समानांतर (पैरेलल) बसें चलती थीं। रूट घाटे पर चलने के कारण मुख्य कार्यालय शिमला से बस बंद करने के आदेश के बाद रूट ठप हैं। लोगों की मांग को देखते हुए फिर से रूट बहाल करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
नरेंद्र शर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पथ परिवहन निगम डिपो मंडी