रोहडू़। बिजली बोर्ड और जलशक्ति विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण अधर में लटकी करोडों की सिंचाई एवं उठाऊ पेयजल योजनाएं अब शीघ्र सिरे चढ़ने वाली हैं।
रोहड़ू वृत्त के जलशक्ति और बिजली बोर्ड के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए प्रदेश जलशक्ति विभाग के सचिव विकास लाबरू ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को बैठक की। उन्होंने कहा जलशक्ति विभाग की सिंचाई एवं उठाऊ पेयजल योजनाओं में प्रदेश स्तर पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं। बिजली बोर्ड के खाते में बिजली लगाने व पहुंचाने के लिए करोड़ों की राशि सालों से जमा हो रही है।
दो विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय न होने के कारण सरकार की योजनाओं का समय पर लोगों को लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि पीक ऑवर में योजनाओं के पंप न चलाएं, इसके लिए जलशक्ति विभाग के अधिकारी पंप हाउसों में तैनात अपने कर्मचारियों पर नजर रखें। कम वोल्टेज से पावर लॉस के साथ पंपों में लगी मशीनों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा इस प्रकार की संयुक्त बैठकें दोनों विभागों के बीच प्रदेश स्तर पर आयोजित होंगी। जलशक्ति विभाग के कार्यकारी मुख्य अभियंता सुशील जस्टा ने बिजली बोर्ड के अधिकारियों के साथ तय समय में समस्या के समाधान के निर्देश दिए। साथ ही बिजली बोर्ड के अधिकारियों से प्राथमिकता के आधार पर सहयोग मांगा। उन्होंने कहा दोनों विभागों के बीच सही समन्वय न होने से सरकार को नुकसान हो रहा है।
बैठक में जलशक्ति विभाग के एसई केके कपूर ने रोहडू़ वृत्त में बिजली की कमी के कारण सामने आ रही समस्याओं को उठाया। बिजली बोर्ड की ओर से एसई सुरेश कांत व एक्सईएन संजीव रावत ने समस्याओं को मिलकर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। बैठक में जल शक्ति विभाग के कंसल्टेंट सुनील दत्त, एक्सईएन बीएस राठौर, जलशक्ति और बिजली बोर्ड के एसडीओ, जेई व तकनीकी स्टाफ के सदस्य उपस्थित थे।