सांगला स्कूल में शिक्षकों सहित गैर शैक्षणिक स्टाफ का टोटा, विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
एक दर्जन पंचायतों के छात्र-छात्राएं झेल रहे परेशानियां, दूसरे स्कूलों में दाखिल लेने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। प्रदेश सरकार ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र में बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के दावे तो जरूर करती है, लेकिन दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूल कुछ और ही कहानी बयान कर रहे हैं। जिले की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सांगला में बीते सात वर्ष से विद्यार्थी भौतिक विज्ञान के शिक्षक का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार यहां शिक्षक की तैनाती नहीं कर पाई है। इसके अलावा वाणिज्य और आईपी शिक्षक सहित स्कूल में अन्य कर्मचारियों की भी कमी चल रही है। प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की अनदेखी से एक दर्जन पंचायतों के विद्यार्थियों को मायूसी का शिकार होना पड़ रहा है। गौर हो कि वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सांगला में सांगला, छितकुल, रक्षम, बटसेरी, थेमगारंग, कामरू, चांसू, शौंग, ब्रुआ, सापनी और किल्बा पंचायत के सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में वर्ष 2017 से प्रवक्ता भौतिक विज्ञान, प्रवक्ता वाणिज्य और आईपी शिक्षक के पद रिक्त हैं। इसके अलावा वरिष्ठ सहायक, क्लर्क, सुरक्षा कर्मी, सह लाइब्रेरियन और लैब अटेंडेंट के पद भी एक दशक से रिक्त चल रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को शिक्षक न होने से दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है। अभिभावकों और जन प्रतिनिधियों ने स्कूल में खाली पड़े पदों को कई बार भरने की गुहार लगाई, लेकिन आज तक शिक्षक और खाली स्टाफ के पद नहीं भरे गए हैं। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में खासा रोष है। प्रधान सांगला देवसांकी नेगी, उपप्रधान लोकेश नेगी, वार्ड सदस्य ओमकृष्ण नेगी, उपेंद्र नेगी, कमलेश नेगी, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीदेवी नेगी, मीरा नेगी और प्रीमिला नेगी सहित अन्यों ने कहा कि स्कूल में वर्षों के बाद भी भौतिक विज्ञान और वाणिज्य विषय के प्रवक्ता की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में विज्ञान विषय में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को दूसरे स्कूलों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है।
कोट्स
सांगला स्कूल में खाली पड़े पदों को भरने के लिए हर माह प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द स्कूल में शिक्षकों सहित अन्य स्टाफ की तैनाती होगी।
सुरेंद्र नेगी, उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग किन्नौर