डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश से बढ़ी मरीजों की दुश्वारियां, दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानियां
सराहन से आए एसएसबी के जवानों को भी बिना उपचार ही लौटना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मांगों को लेकर चिकित्सकों के सामूहिक अवकाश के कारण ओपीडी बंद रही। इस दौरान मरीज घंटों डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। चिकित्सकों के ओपीडी में नहीं बैठने से मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। इसमें कई मरीज ऐसे थे जो दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से अस्पताल पहुंचे थे लेकिन डॉक्टर नहीं होने से उन्हें बिना उपचार के लिए लौटना पड़ा। खनेरी अस्पताल रामपुर के दूरदराज के क्षेत्रों सहित आनी और किन्नौर से भी मरीज पहुंचे थे। अगले तीन दिन छुट्टियां होने के कारण अब मरीजों को सोमवार से ओपीडी में जांच की सुविधा मिल पाएगी। इसमें लोगों के साथ एसएसबी के जवान भी शामिल थे, जिन्हें निराश होकर जाना पड़ा। वीरवार को खनेरी अस्पताल में तैनात 28 डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश किया। इस कारण अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह से चरमरा गई। सराहन से पहुंचे एसएसबी के जवानों को भी डॉक्टर न मिलने से वापस जाने को मजबूर होना पड़ा। चार जिलों के मुख्य अस्पताल खनेरी में जहां हर रोज सैकड़ों की संख्या में मरीज पहुंचते हैं। हालांकि इमरजेंसी, सर्जरी और प्रसव सहित अन्य आपात सेवाएं अस्पताल में जारी रहींं। खनेरी अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर यूनियन अध्यक्ष सुचिता पालमो ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर वीरवार को खनेरी अस्पताल के सभी डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश किया। अस्पताल की ओपीडी में किसी भी मरीज की जांच नहीं की गई। केवल आपात स्थिति के मरीजों की जांच की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी के निर्णय अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा।
इनसेट
उपचार के लिए जूझते मरीजों ने बयां किया अपना दर्द
आनी से त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास जांच करवाने आया आया था। 60 किलोमीटर का सफर तय कर वह खनेरी अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां डॉक्टर न मिलने से परेशानियां झेलनी पड़ी। इतने बड़े अस्पताल में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलना चिंता का विषय है।
अमन, आनी
कोट्स
अस्पताल में चिकित्सक न मिलने से परेशानियों से दो चार होना पड़ा। खनेरी अस्पताल में बेहतर उपचार की उम्मीद से पहुंचे मरीजों को अस्पताल पहुंचने पर मायूसी ही हाथ लगी। सरकार को इस समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।
पंकज कुमार, रूपी, किन्नौर
कोट्स
वह बुजुर्ग को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन यहां डॉक्टरों ने जांच से इन्कार कर दिया। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को डॉक्टरों के बगैर परेशानियां झेलनी पड़ी। अस्पताल में दिनभर लोग डॉक्टरों का इंतजार करते रहे।
प्रेम चौहान, देवठी
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डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश से रिकांगपिओ अस्पताल में पसरा सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश के कारण वीरवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। दूरदराज के क्षेत्रों से अस्पताल पहुंचे मरीजों को डॉक्टर न मिलने से मजबूर होकर लौटना पड़ा। अब अगले तीन दिन तक अस्पताल में छुट्टियों की वजह से डॉक्टर नहीं मिल पाएंगे। चिकित्सकों की प्रदेश स्तरीय हड़ताल और वीरवार को सामूहिक अवकाश के कारण रिकांगपिओ सहित जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पाए। एनपीएस सहित अन्य मांगों को लेकर जिले में 53 डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश किया। बिना डॉक्टर जिले के सभी अस्पतालों में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझना पड़ा। दूरदराज के क्षेत्रों से क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में मरीज तो पहुंचे, लेकिन ओपीडी में किसी प्रकार की सुविधा न मिलने से उन्हें निराशा हुई। हालांकि अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं। चिकित्सा अधिकारी एसोसिएशन किन्नौर के महासचिव डॉ. सोनम गियालच्छेन नेगी ने बताया कि सरकार के आश्वासन के बाद भी डॉक्टर मांगों को लेकर संघर्षरत हैं।