टापरी सब्जी मंडी में फंसी ढाई से तीन हजार सेब की पेटियां, निगुलसरी में एनएच बंद होने से गिरे दाम
वाया काजा बागवानों को चार रुपये प्रति पेटी देना पड़ रहा अतिरिक्त किराया
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर की सेब मंडी टापरी में ढुलाई के लिए ट्रक नहीं मिलने से करोड़ों के सेब कारोबार पर संकट छा गया है। निगलुसरी में नेशनल हाईवे अवरुद्ध होने से बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इससे मंडियों में हजारों सेब की पेटियां फंस गई हैं। आढ़ती एसोसिएशन टापरी मंडी के अध्यक्ष सरदार प्रवीन नेगी ने बताया कि 8 सिंतबर से निगुलसरी एनएच पांच बंद होने से सेब के दाम गिर गए हैं। अभी तक टापरी मंडी में बागवानों का ढाई हजार से तीन हजार सेब की पेटी पड़ी है।
उन्होंने कहा कि जब से निगुलसरी में एनएच बंद हुआ है, तबसे सेब का भाव गिर गया है। अब 70 रुपये से 80 रुपये किलो सेब बिक रहा है। वहीं जब सड़क बहाल थी, तब टापरी मंडी में 100 रुपये से 130 रुपए प्रतिकिलो सेब बिक रहा था। अध्यक्ष ने कहा की टापरी से चंडीगढ़ 2.50 रुपये प्रति पेटी के हिसाब से किराया लगता था। निगुलसरी में एनएच बंद होने की वजह से बागवानों को वाया काजा होकर सेब भेजना पड़ रहा है। इसके एवज में 4 रुपये प्रति किराया लिया जा रहा है।
सुरेंद्र नेगी, अर्जुन नेगी, शाम कुमार नेगी और राधा नेगी ने कहा कि सेब को मंडियों तक ले जाने के लिए ट्रक नहीं मिल रहे हैं। एनएच बंद होने से सेब का तुड़ान रोक रखा है। दूसरी तरफ वाया काजा सड़क भी ठीक नहीं है। वहीं किराया भी अधिक लग रहा है। फरीदाबाद के सेब कारोबारी मनीष गुलाटी ने 5 दिन पहले करीब 8 से 9 लाख की राशि से सेब खरीदा था। अभी तक ट्रक नहीं मिलने से टापरी मंडी में ही उनका सेब पड़ा है। अब उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं सेब सड़ न जाए। मुंबई के सेब कारोबारी पप्पू जायसवाल ने बताया कि जब एनएच ठीक था तो, उन्होंने 10 से 12 लाख का सेब का कारोबार किया था लेकिन जबसे एनएच बंद हुआ है, सेब का कारोबार नहीं कर रहे है, क्योंकि टापरी से मुंबई तक ट्रक चार और पांच दिन में पहुंच जाता था, लेकिन सड़क बंद होने के कारण वाया काजा 7 से 8 दिन में ट्रक पहुंच रहा है।
इसके अलावा किराया भी ज्यादा है। इस कारण जोखिम उठाना नहीं चाहते हैं। वहीं, उपमंडी टापरी के प्रभारी सिकंदर नेगी ने कहा कि जबसे निगुलसरी में एनएच बंद हुआ है, तो टापरी मंडी से वाया काजा 29 सेब के ट्रक और करीब 300 से 400 सेब बॉक्स मंडियों में चला गया है। कुछ बागवान अपने आप भी सेब को मंडियों तक ले जा रहे हैं। उधर, सहायक उपायुक्त संजीव कुमार भोट ने कहा कि ट्रक यूनियन और दूसरे ट्रक वालों से बात हो रही है। जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।