निगम प्रबंधन को रोजाना लग रही 10,000 हजार रुपये की चपत, अब तक 12 लाख का हो चुका है नुकसान
सड़क अवरुद्ध रहने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीण बस सुविधा से वंचित
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। प्रदेश में बरसात को गुजरे कई माह बीत गए लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याएं अभी भी कम नहीं हो पाई हैं। सड़कों की हालत न सुधरने से अभी भी परिवहन निगम की दो स्थानों पर बसें फंसी हुई हैं। ऐसे में जहां ग्रामीण बस सेवाओं के लाभ से वंचित हैं, वहीं निगम प्रबंधन को भी अभी तक लाखों की चपत लग चुकी है। गौर हो कि रामपुर और निरमंड उपमंडल की दो सड़कें अभी तक बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल नहीं हो पाई है। चार माह का अरसा बीत गया लेकिन रामपुर उपमंडल की दरकाली और निरमंड खंड की ब्रौ चकलोट चूनागई सड़क अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। इससे बीते चार माह से चकलोट और दरकाली रूट पर एचआरटीसी की बसें फंसी हुई हैं। परिवहन निगम के रामपुर डिपो के तहत इन क्षेत्रों में चलने वाली बस सेवाओं के लाभ से क्षेत्र की जनता वंचित हैं। इन दोनों रूटों पर निगम द्वारा रोजाना दो बस सेवाएं चलाई जाती हैं, जिससे प्रति रूट एचआरटीसी को प्रतिदिन पांच हजार रुपये और दो रूटों पर 10,000 रुपये की आमदनी होती है लेकिन बीते चार माह से बसें फंसने के कारण न तो जनता को इनका लाभ मिल पा रहा है और न ही एचआरटीसी को कोई कमाई हो रही है। चार माह की बात करें तो निगम प्रबंधन को अभी तक दोनों रूटों पर बस सेवाएं न चलने के कारण 12 लाख रुपये से अधिक का नुकसान पहुंच चुका है। हालांकि रामपुर उपमंडल की तकलेच-देवठी मार्ग पर सेरी खड्ड में दलदल होने के कारण एचआरटीसी की बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जबकि 15/20 क्षेत्र के गानवीं से आगे भी सडक बदहाल होने के कारण बसों की आवाजाही गानवीं से आगे नहीं हो पा रही है।
कोट्स
चार माह से दरकाली और चकलोट में एचआरटीसी की बसें फंसी हुई हैं। दोनों रूटों से निगम को रोजाना करीब 10 हजार रुपये की कमाई होती है। उन्होंने बताया कि सड़कों के बहाल होते ही दोनों बस सेवाओं को सुचारू रूप से चलाया जाएगा।
स्वरूप दीवान, अड्डा प्रभारी रामपुर