बीते वर्ष की अपेक्षा में इस बार 17 लाख पेटियां कम हुआ उत्पादन, समाप्त हुआ सेब सीजन
प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले किन्नौर में 60 फीसदी हुई सेब की पैदावार
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। मौसम की मार के कारण प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ किन्नौर जिले में भी सेब की पैदावार में गिरावट दर्ज की गई है। इस वर्ष जनजातीय जिले से 23,80,177 पेटी सेब देश की विभिन्न मंडियों में पहुंचा। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष जिले में 17 लाख पेटियां सेब का कम उत्पादन हुआ है। जिले का सेब देश दुनिया में अपने स्वाद और मिठास के लिए मशहूर है। तीनों खंडों में सेब उत्पादन लोगों की आर्थिकी का मुख्य व्यावसाय है लेकिन इस साल बीते वर्ष के मुकाबले सेब उत्पादन के गिरावट दर्ज की गई है। फ्लावरिंग के समय तापमान में गिरावट होना इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। इस साल 23,80,177 पेटी सेब देश की विभिन्न मंडियों में भेजा गया है, जबकि बीते वर्ष 40,84,771 पेटियों का उत्पादन हुआ था। एचपीएमसी में बीते वर्ष जहां 42,756 बोरियां सेब भेजा गया था। वहीं इस वर्ष 29,396 बोरियां जिले के बागवानों ने एचपीएमसी को भेजी। ब्लॉक वार बात करें तो कल्पा खंड में इस वर्ष 76,470 पेटियां और 14,035 बोरियां, निचार खंड में 5,97,175 और 15,358 बोरियां, पूह खंड में 10,17, 500 पेटियां सेब उत्पादन हुआ है। मौसम की मार के कारण जहां प्रदेश के अन्य जिलों में 50 प्रतिशत तक सेब उत्पादन हुआ है, वहीं किन्नौर जिले में कुल 60 प्रतिशत सेब उत्पादन दर्ज किया गया है। हालांकि बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष जिले के बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिले हैं। प्रदेश के बागवानों के लिए इस वर्ष से किलोग्राम के हिसाब से सेब खरीद शुरू की गई है, जिससे बागवानों को खासा लाभ मिल रहा है।
कोट्स
इस वर्ष मौसम की मार के कारण सेब उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। बीते वर्ष जहां जिले में सेब की अच्छी पैदावार थी, तो वहीं इस वर्ष पैदावार में गिरावट आई है।
कार्यवाहक उपनिदेशक, बलबीर चौहान, उद्यान विभाग किन्नौर