रामपुर बुशहर। आसमान से आफत बनकर बरस रही बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। बीती आठ जुलाई से रामपुर, आनी और निरमंड उपमंडल में भारी बारिश ने खासी तबाही मचाई है। ऐसे में तीनों उपमंडलों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। हजारों लोगों को आवाजाही करने में खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
बुधवार को परिवहन निगम के रामपुर डिपो के 70 रूट ठप रहे, जबकि 21 रूटों सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण एचआरटीसी की बसें फंस गई हैं। गौर हो कि भारी बरसात से रामपुर, आनी और निरमंड उपमंडल की दर्जनों सड़कों को क्षति पहुंची हैं। ऐसे में इन तीनों उपमंडलों के हजारों लोगों को आवाजाही करना परेशानियों भरा बना हुआ है।
परिवहन व्यवस्था पटरी से उतरने के कारण सबसे अधिक दिक्कतें ग्रामीण इलाकों के लोग झेल रहे हैं, जिन्हें रोजमर्रा का सामान और खाद्य सामग्री घर पहुंचाना मुश्किलों भरा बना हुआ है। रामपुर ननखड़ी मार्ग ध्वस्त होने के कारण ननखड़ी की सभी बस सेवाएं बाधित हो गई हैं और क्षेत्र में करीब पांच बसें फंस गई हैं। इसके अलावा रामपुर और आनी में कुल 21 बसें सड़कें बाधित होने के कारण फंसी हुई है। बुधवार को एचआरटीसी के रामपुर डिपो के 70 रूट प्रभावित रहे। रामपुर से केवल फांचा, कुश्वा, तकलेच जबकि निरमंड के बागीपुल तक ही बसों को भेजा जा रहा है।
इसके अलावा अधिकतर ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही ठप पड़ी है, जबकि लंबे रूटों पर निगम की बसें बराबर दौड़ रही हैं। बस सेवाएं प्रभावित होने से निगम को रोजाना पांच से छह लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रामपुर से मंडी और कुल्लू के लिए भी बस सेवा बारिश के बाद से बंद पड़ी है।
परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी स्वरूप दिवान ने बताया कि बुधवार को निगम के 70 रूट प्रभावित रहे, जबकि 21 रूटों पर सड़कें बंद होने से बसें फंसी हुई हैं। निगम को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। सड़कों की हालत सुधरते ही बस सेवाओं को सुचारू रूप से चलाया जाएगा।