रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल में लगातार हो रही बारिश से हजारों लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। दो दिन पूर्व रामपुर ननखड़ी मार्ग ध्वस्त होने से बागवानों को अपनी नकदी फसल मंडी पहुंचाने की चिंता सता रही है। वहीं ननखड़ी तहसील की करीब 17 पंचायतों से करीब 10 लाख पेटी सेब कैसे मंडी पहुंचेगा, बागवानों की इसको लेकर रातों की नींद उड़ गइ्र है।
अब मजबूरन बागवानों को वैकल्पिक सड़कों की मदद लेनी होगी। इससे करोड़ों की फसल मंडी पहुंचाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। गौर हो कि ननखड़ी क्षेत्र के कम ऊंचाई वाले इलाकों में इन दिनों सेब सीजन शुरू हो गया है। बिना सड़क क्षेत्र से सेब की दस लाख पेटियां मंडी कैसे पहुंचेगी, यह सवाल बागवानों के जहन में घूम रहा है। हजारों ग्रामीणों और बागवानों को लाभान्वित करने वाली रामपुर-ननखड़ी सड़क शरण ढांक में भूस्खलन की चपेट में आने से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। यहां सड़क का करीब 70 फीट हिस्सा ढह गया है।
ऐसे में अब यहां फिर से सड़क निर्माण में कई सप्ताह लग जाएंगे। चट्टानों को काटकर बनाई गई सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और यहां बड़ी खाई बन गई है। लोक निर्माण विभाग को यहां फिर से सड़क बहाल करना परेशानियों भरा बना रहेगा। तहसील की जाहू, खोलीघाट, खुन्नी पनोली, गाहन, बगलती, थाना ननखड़ी, बढ़ोग, कुंगलबाल्टी, खमाड़ी, मझोली टिप्पर, थैली चकटी, शोली, बड़ाच, खड़ाहन, देलठ, कलेडा मझेवटी और करांगला पंचायत के बागवानों को अब अपनी फसलें संपर्क सड़कों से मंडी पहुंचानी होगी। बागवानों को अब अपनी फसल शरण ढोई और देलठ नागाधार सड़क से अपना सेब मंडी पहुंचाना पड़ेगा।
तंगहाल और खस्ता बनी इन सड़कों से केवल छोटे वाहनों के माध्यम से ही सेब भेजा जा सकेगा, जबकि बड़े वाहनों के लिए सड़क निर्माण का इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने इन दोनों सड़कों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है लेकिन संकीर्ण बने इन मार्गों से सेब की फसल मंडी ले जाना परेशानियों से भरा रहेगा।
रामपुर ननखड़ी सड़क को बहाल करने के लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं। सड़क निर्माण न होने तक शरण ढोई और देलठ नागाधार सड़क से लोग सफर कर सकते हैं। इन दोनों सड़कों को चौड़ा करने और बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार करने का कार्य युद्धस्तर किया जा रहा है।
निशांत तोमर, एसडीएम रामपुर