सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते दो दिनों से बिगड़े मौसम के मिजाज के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्का हिमपात दर्ज किया गया है। खराब मौसम के चलते समूचा जिला शीत लहर की चपेट में आ गया है। वीरवार को जिले के निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा, वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्र में ताजा बर्फबारी हुई। इससे जिले में सर्दियों का आगाज भी हो गया है।
प्रदेश में इस वर्ष मानसून ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। जनजातीय जिला किन्नौर में सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। वीरवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ के सामने किन्नर कैलाश, जौरखंडन, भावावैली की ऊंची चोटियों, सांगला कंडा, छितकुल की थोला पहाड़ियां, नाको के रियोपुरगिल, पूह के सामने डोलमा लां और हांगो जोत सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। वहीं निचले क्षेत्रों में रूक-रूक कर बारिश का दौर चलता रहा।
वीरवार को पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 17.5 और न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी ने बताया कि किन्नौर सहित रामपुर और शिमला की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है। मौसम विभाग की जारी चेतावनी के अनुसार किन्नौर जिला प्रशासन ने आगामी 28 सितंबर तक जिले के लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
उन्होंने पर्यटकों से भी अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ट्रैकिंग करने और नदी-नालों के करीब न जाने की अपील की है। उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने जिले के लोगों से आह्वान किया है कि केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकलें और सावधानी बरतें।