रामपुर बुशहर। समुद्रतल से करीब एक हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हजारों लोगों की आस्था के केंद्र मां श्राईकोटी माता का मंदिर नए स्वरूप में बनकर तैयार हो गया है। पहाड़ी शैली बने इस मंदिर का बीते कई वर्षों से जीर्णोद्धार कार्य चल रहा था, जो अब पूर्ण हो गया है। तीन जुलाई को मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी, जिसमें क्षेत्र के चार आराध्य देवता शिरकत करेंगे। तीन दिन तक मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान चलेगा, जिसमें रामपुर, रोहड़ू सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोग भाग लेंगे।
गौर हो कि रामपुर उपमंडल की 12/20 वैली स्थित प्रमुख दार्शनिक एवं धार्मिक स्थल मां श्राईकोटी माता के मंदिर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य वर्ष 2016-17 में शुरू हुआ था। हजारों लोगों की आस्था के इस केंद्र इस मंदिर का लंबे समय से लोग कार्य पूरा होने का इंतजार कर रहे थे, जो अब समाप्त हो गया है। मां भीमाकाली न्यास के तहत आने वाले इस मंदिर के जीर्णोद्धार पर करीब दो करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। इस मंदिर के निर्माण में कंक्रीट का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। पहाड़ी शैली में बने इस मंदिर के निर्माण में केवल लकड़ी और पत्थर का इस्तेमाल किया गया है, जबकि मंदिर की छत के लिए मंडी के जंजैहली से स्लेट पहुंचाया गया है। मंदिर के अलावा यहां रसोई का भी निर्माण किया गया है। आसमानी बिजली से प्रभावित इस क्षेत्र में मंदिर की सुरक्षा को लेकर यहां तड़ित चालक यंत्र (लाइटनिंग एरेस्टर) स्थापित किए गया है। इसके अलावा मंदिर परिसर का भी न्यास द्वारा सौंदर्यीकरण किया गया है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तीन जुलाई को होगी। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में क्षेत्र के तीन आराध्य देवता बसाहरू, गसोह काजल, मझेवली और छिज्जा कालेश्वर देवठी सहित हजारों लोग भाग लेंगे। मंदिर में तीन दिन तक धार्मिक अनुष्ठान चलेगा। मनोरम प्राकृतिक नजारे से भरपूर इस मंदिर में हर वर्ष शिमला, कुल्लू, रोहड़ू और आसपास के इलाकों से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन को पहुंचते हैं।
उधर, मां भीमाकाली मंदिर न्यास के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि तीन जुलाई को मां श्राईकोटी माता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी। मंदिर के जीर्णोद्धार पर करीब दो करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर क्षेत्र के चार देवताओं को निमंत्रण भेजा गया है।