सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले में बीते दो दिन में हुई ताजा बर्फबारी और बारिश के बाद जीवन पटरी पर नहीं लौटा है। बारिश से जिले के राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन होने से वाहनों के पहिये थमे हुए हैं। पूह काजा की ओर एचआरटीसी की बसें आधे रास्ते से ही लौट रही है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह, काजा और स्पीति की ओर वाहनों की आवाजाही न होने से हजारों लोग परेशान हैं। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पर सीमा सड़क संगठन ने मंगलवार को युद्धस्तर पर कार्य करते हुए पांगी नाला, पूर्वणी झूला और भगत नाला सहित कई अन्य जगहों पर एनएच को बहाल कर दिया है। जबकि मलिंगटाप, शलखर, समदू काली मिट्टी और नेसंग के पास बंद पड़े राष्ट्रीय उच्च मार्ग को बहाल करने के लिए 6 मशीनों के साथ करीब 60 मजदूर जुटे हुए हैं।
मार्ग को बहाल करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। मंगलवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से शिमला की तरफ तो एचआरटीसी की बसों की आवाजाही हो रही है लेकिन रिकांगपिओ से पूह काजा की तरफ खबर लिखे जाने तक स्पीलो तक ही बसें और निजी वाहन जा पा रहे हैं।
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पथ परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी राहुल नाथ भारद्वाज ने कहा कि फिलहाल पूह की तरफ स्पीलो तक ही निगम की बसों को भेजा जा रहा है। जबकि रिकांगपिओ से शिमला की ओर बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।