रोहड़ू। सिविल अस्पताल रोहड़ू में नर्सों की भारी कमी चल रही है। इसके कारण अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से चलाने में मुश्किलें पेश आ रही हैं। नर्सों की कमी का मामला अस्पताल प्रबंधन ने मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया है। अस्पताल में 200 बिस्तरों की व्यवस्था है।
वहीं एसआरएल लैब का टेंडर 21 मई को समाप्त हो गया है। अब नई कंपनी के साथ करार किया गया है, लेकिन अभी तक कंपनी ने अस्पताल में टेस्ट करने के लिए कोई प्रबंधन नहीं किए हैं।
अस्पताल में रोजाना 700 से 800 ओपीडी रहती है। वार्डों से लेकर आपातकालीन सेवाओं में नर्सों की अहम भूमिका रहती है। अस्पताल में नर्सों के 31 पद स्वीकृत हैं, लेकिन अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं मात्र 11 नर्सों के कंधों पर ही हैं। अस्पताल में 20 पद खाली चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पदों को भरने का आश्वासन दिया है।
सिविल अस्पताल रोहड़ू के एमएस अजय पाठक ने बताया कि नर्सों की कमी के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया है। मुख्यमंत्री ने नर्सों के पद शीघ्र भरने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि एसआरएल लैब का करार समाप्त हो गया है। अब नई कंपनी के पास टेस्ट करने का जिम्मा है, लेकिन अभी तक कंपनी ने कोई प्रबंध नहीं किया है। कुछ टेस्ट अस्पताल की लैब में ही होंगे। अगर जरूरत पड़ी तो मौजूदा संसाधनों का इस्तेमाल कर मरीजों को राहत दी जाएगी।