सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। देश की सीमा को चीन से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-पांच जगह-जगह मौत को दावत दे रहा है। बीते वर्ष हुई भारी बारिश से कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुए नेशनल हाईवे की एक वर्ष बाद भी हालत जस की तस बनी हुई है। जगह-जगह ध्वस्त हुए एनएच के डंगे हादसों के न्योता दे रहे हैं, जिनको एक साल बाद भी एनएचएआई ने दुरुस्त नहीं किया है। इस एनएच से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। बीते वर्ष जुलाई और अगस्त माह में हुई भारी बारिश के कारण किंगल से लेकर पोवारी तक कई स्थानों पर नेशनल हाईवे-पांच के डंगे धंस गए थे। कई स्थानों पर डबल लेन एनएच पर एक तरफा वाहनों की आवाजाही हो पा रही है। रामपुर, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के हजारों लोगों सहित देश-विदेश से यहां पहुंचने वाले पर्यटकों और देश सीमा पर तैनात सेना के जवानों का इसी मार्ग से आना-जाना होता है, लेकिन एनएच पर कई स्थानों पर हादसों का अंदेशा बना हुआ है। एनएच पांच नोगली से लेकर झाकड़ी तक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है, जिसे राष्ट्रीय मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई ) बीते एक वर्ष से दुरुस्त नहीं कर पाया है। बीते वर्ष रात के समय नोगली के पास एनएच का डंगा ढहने के कारण यहां से गुजरने वाला एक वाहन सीधे सतलुज नदी में जा गिरा था, जिसमें चार लोग लापता हो गए थे। वहीं, खनेरी के समीप भी एनएच का डंगा ढहने के कारण कई माह तक स्थिति नाजुक बनी रही। वहीं, अब यहां एनएच के ऊपर पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। एक वर्ष का समय बीतने वाला है, लेकिन अब तक एनएच के सुधारीकरण को लेकर कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। ऐसे में अब फिर से बरसात का मौसम शुरू हो गया है, जिसके चलते अब खतरा और भी बढ़ गया है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द एनएच में सुधार होना जरूरी है।
जल्द डंगों को दुरुस्त किया जाएगा
एनएच पर गिरे डंगों के लिए बीते 15 मार्च को बजट स्वीकृत हुआ था। 16 मार्च से आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने के कारण कार्य आबंटित नहीं हो पाया था। अब प्राधिकरण ने टेंडर करवा लिए हैं, जल्द ही एनएच पर गिरे डंगों को दुरुस्त किया जाएगा।
-केएल सुमन, एक्सईएन एनएचएआई रामपुर