नाले में आरसीसी की दीवार लगाने की उठाई मांग
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। सांगला में बीते कई वर्षों से टोंगटोंगचे नाले से सरकारी कार्यालयों समेत आधा दर्जन से अधिक निजी भवन खतरे के साये में हैं। कई वर्षों से नाले में भूमि कटाव का सिलसिला जारी है, जिससे लोगों को खतरे के साये में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों सहित अन्य लोगों ने सरकार, जिला प्रशासन और विभाग से एहतियातन के तौर पर नाले में आरसीसी की पक्की दीवार लगाने की मांग उठाई है। गौर हो कि टोंगटोंगचे नाले से तहसील कार्यालय, बीएसएनएल कार्यालय, उद्यान विभाग का कार्यालय, सांगला पुलिस वायरलैस कार्यालय, थाना प्रभारी का आवासीय क्षेत्र के अलावा करीब आधा दर्जन से अधिक निजी भवनों और दुकानों को खतरा बना हुआ है। कई वर्षों से लोग डर के साये में जीवन यापन कर रहे हैं। सांगला में तहसील कार्यालय का साल 1960 में निर्माण किया गया था। 1983 में नाले में बाढ़ आने से भूमि कटाव हो गया। उसके बाद नाले का जलस्तर बढ़ने से वर्ष 2000 से लगातार भूमि कटाव हो रहा है। इस कारण यहां पर सरकारी कार्यालयों सहित निजी भवनों पर खतरा है। यदि समय रहते आरसीसी की दीवार नहीं लगाई गई, तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, सांगला पंचायत प्रधान देवसांकी नेगी, उपप्रधान लोकेश कुमार नेगी, निशा नेगी और अरुण कुमार नेगी सहित अन्य लोगों ने सरकार, जिला प्रशासन और विभाग से समय रहते नाले में पक्की दीवार लगाकर सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में कोई हादसा पेश न आए।
डीपीआर बनाकर सरकार को सौंपी है
इस स्थान को सुरक्षित करने के लिए डीपीआर बनाकर सरकार को सौंपी गई है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- अभिषेक शर्मा, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग रिकांगपिओ
सांगला बाजार के नजदीक टोंगटोंगचे नाला बना खतरा
सांगला बाजार के नजदीक टोंगटोंगचे नाला बना खतरा