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बीस सालों से सड़क का इंतजार कर रहे नेरवा कुमाहरला गांव के बाशिंदे

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नेरवा (रोहड़ू)। ग्राम पंचायत धनत के कुमाहरला गांव के पच्चास परिवार सड़क सुविधा के अभाव में मुश्किलें झेलने को मजबूर है। क्षेत्र के लोग पिछले बीस सालों से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। मगर सरकारी अनदेखी के चलते कुमारहला के लिए प्रस्तावित एंबुलेंस मार्ग का सर्वे का कार्य भी आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इस वजह से ग्रामीणों में सरकार के प्रति भारी रोष है।
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गांव के लोगों ने अपनी आर्थिकी बढ़ाने के लिए सेब के बागीचे भी लगाए हैं और कई परिवार टमाटर और अन्य नकदी फसलें उगाते हैं। मगर गांव तक सड़क सुविधा नहीं होने के कारण इन लोगों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। मजबूरी में किसान फसलों कई किमी पीठ या खच्चरों पर लादकर संपर्क मार्ग तक पहुंचाते हैं। इसके बाद फसलों को मंडियों के लिए भेजा जाता है। सड़क नहीं होने से ढुलाई के लिए किसानों को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। कई बार तो फसल के उचित दाम नहीं मिलने से उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ता है।
गांव के पच्चास परिवारों के बच्चों के लिए यहां प्राथमिक स्कूल के अलावा कोई भी सरकारी सुविधा नहीं है। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी लोगों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ती है। किसी के बीमार होने पर उसे चार किमी पालकी पर उठाकर या पैदल कांदल कांदल संपर्क मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। यहां से ग्यारह किलोमीटर सफर के बाद मरीजों को नेरवा पहुंचाया जाता है।
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गांव के लोगों को घरों तक पंहुचने के लिए सगरौठी-कांदल संपर्क मार्ग से चार किलोमीटर खड़ी पगडंडी से कठिन सफर करना पड़ता है। ग्राम पंचायत धनत की प्रधान डॉ. निशा, उपप्रधान श्याम सिंह, पूर्व उपप्रधान, सेवानिवृत्त सैनिक जोगी राम चौहान, कुमाहरला निवासी जयलाल, मुनीश, वीर सिंह, परमानंद ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की कि कुमाहरला के लिए बनने वाले एंबुलेंस मार्ग के सर्वे का कार्य जल्द पूरा कर शीघ्र सड़क का निर्माण किया जाए और गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए गांव में एक डिस्पेंसरी भी खोली जाए।
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