कार्यालयों में केरोसीन हीटर न जलने से ठंड से जूझ रहे कर्मचारी
जिला कोष अधिकारी से पास हो रहे केवल 10 हजार रुपये के बिल
रतन लाल नेगी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं सरकारी कार्यालयों में केरोसीन हीटर के लिए तेल के इंतजाम न होने के कारण कर्मचारी ठंड से ठिठुरने के लिए मजबूर हैं। इसका कारण किन्नौर जिला कोष अधिकारी कार्यालय में 250 बिलों का 10 से 15 करोड़ रुपये भुगतान लटक गया है, जिससे जिले के विभिन्न विभाग और ठेकेदार परेशान हैं। वहीं, केरोसीन तेल का बिल भी लटक गया है, जिससे हीटर जलाने के लिए तेल की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। गौरतलब है कि राज्य में 21 नवंबर के बाद ठेकेदारों और सरकारी कार्यालयों के बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। किन्नौर जिले के ठेकेदारों ने काम के बिल विभाग को भेजे हैं और विभाग ने इन बिलों को जिला कोष अधिकारी कार्यालय रिकांगपिओ में भेजा है, लेकिन जिला कोष अधिकारी कार्यालय से बिल पास न होने भुगतान फंस गया है। इनमें मेजर वर्क और माईनर वर्क बिल, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, जल शक्ति विभाग और विद्युत विभाग कार्यालयों के खर्चों से संबंधित बिल, सामग्री वितरण बिल, मशीनरी और औजारों की खरीद-फरोख्त बिल, सरकारी कार्यालयों के दूसरे बिल, सर्दियों में ठंड से बचने के लिए केरोसिन तेल का बिल और विभागों के वाहनों में इस्तेमाल किए जाने वाले बिल शामिल हैं। ठेकेदारों की पूरी पेमेंट भी चरणबद्ध तरीके से सरकार नहीं कर रही है। जिला कोष अधिकारी के कार्यालय से केवल 10 हजार रुपये तक बिल पास हो रहे हैं। किन्नौर भाजपा नेता एवं पूर्व वन निगम उपाध्यक्ष सूरत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अघोषित इकोनॉमिकली इमरजेंसी लगा रखी है। किसी प्रकार के बिल जिला कोष अधिकारी कार्यालय से स्वीकृत नहीं हो रहे हैं। वहीं, जिले में अधिक ठंड होने के बावजूद सरकारी विभागों में केरोसिन तेल के बिल जारी न होने से हीटर नहीं जल रहे। ऐसे में अधिकारी और कर्मचारी ठिठुरने को मजबूर हैं।
जिला कोष अधिकारी कार्यालय रिकांगपिओ में विभिन्न विभागों के बिलों के भुगतान न होने की सूचना सरकार और वित्त विभाग के संज्ञान में लाई गई है। जल्द ही लंबित बिलों का भुगतान होगा।
- डॉ. अमित कुमार शर्मा, उपायुक्त किन्नौर