जागरा उत्सव में मशाले लेकर देवता का अभिनंदन करते हुए लोग। संवाद
रोहडू़। उपमंडल के विभिन्न गांवों में जागरा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने हाथों में मशाल लेकर देवता का अभिनंदन किया। शनिवार को शराचली क्षेत्र के पुजारली में जागरा महोत्सव का आयोजन किया गया। जागरे में शराचली क्षेत्र की पांच पंचायतों सहित जुब्बल तहसील के दर्जनों गांवों के लोगों ने भाग लिया।
जागरा का आयोजन देवता महाराज बनाड़ और देवता देशमोलिया के आशीर्वाद से किया गया। इससे पहले शुक्रवार रात को भोलाड़ सहित विभिन्न गांवों में जागरा उत्सव मनाया गया। क्षेत्र में जागरा महोत्सव का आयोजन नौ सितंबर से शुरू हो गया था। 10 सितंबर की रात देवता पवासी और महासू देवता का जागरा उत्सव विभिन्न गांव में आयोजित हुआ। 11 सितंबर को मांदल में देवता महाराज बनाड़ और देवता देशमोलिया के जागरे के साथ ही महोत्सव संपन्न हो गया है।
जागरा में विशेष रुप से लकड़ी की बिंडाली (मशाल) जलाकर लोगों ने देवता का अभिनंदन किया। इस दौरान हाथ में मशाल लिए देवता के अभिनंदन में पारंपरिक रुप से ..तू बरमा न जाए विरसुए.. गाने की धुन पर लोगों ने नृत्य किया। देवता का आशीर्वाद प्राप्त करने और गांव में सुख-समृद्धि लाने के लिए ग्रामीण रातभर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर नाचते रहे।
देवता के गुर जगत राम ने बताया कि हर वर्ष जागरा महोत्सव पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है। देवता महाराज बनाड़ और देवता देशमोलिया के जागरे में शराचली सहित जुब्बल के दर्जनों गांव के लोग देवता के अभिनंदन के लिए पहुंचते हैं।