सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के बधाल से पोवारी तक नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने अतिक्रमण पर कार्रवाई अमल में लाई है। इस दौरान करीब 24 अवैध रूप से बने ढारों को तोड़ा गया है। एनएच प्राधिकरण के मुताबिक करीब 78 किलोमीटर एनएच पांच पर दोनों तरफ सरकारी भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए अवैध भवनों कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने इसके लिए योजना तैयार की है।
पहले चरण में बधाल से लेकर पोवारी तक अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई है। इससे अवैध कब्जा धारकों में हड़कंप मच गया है। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद नेशनल हाईवे प्राधिकरण, राजस्व विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया है। इसके अतिरिक्त एक दर्जन के करीब ढारों में विद्युत के कनेक्शन की वजह से नहीं हटाया गया है। इन्हें विद्युत कनेक्शन के कटते ही हटाया जाएगा।
नेशनल हाईवे प्राधिकरण भावानगर के एसडीओ आनंद शर्मा और एसडीओ रिकांगपिओ उमेश लारजू ने बताया कि राजस्व विभाग और पुलिस के साथ संयुक्त रूप से मिलकर राष्टृीय उच्च मार्ग पांच पर बधाल से पोवारी तक 24 अवैध ढारों को हटाया गया है। इसके अतिरिक्त पोवारी से जिला मुख्यालय रिकांगपिओ होते हुए राष्ट्रीय उच्च मार्ग 505ए कल्पा तक 17 किलोमीटर के दायरे में भी अवैध निर्माण को हटाया जाएगा। दूसरे चरण में राजस्व विभाग की निशानदेही के बाद शीघ्र ही अवैध भवनों पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
जिले के स्थानीय लोगों से आग्रह है कि एनएच पांच पर अवैध तरीके से बने भवनों और ढारों को हटाने में उनका सहयोग करें। सरकारी संपत्ति स्थानीय लोगों की संपत्ति होती है, इसे बचाना भी हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। एनएच मार्ग खुला होना चाहिए, जिससे लोग सुरक्षित सफर कर सकें।
केएल सुमन, अधिशासी अभियंता नेशनल हाईवे प्राधिकरण, रामपुर