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Rampur Bushahar News: हिमाचल सेब उत्पादक संघ का रोहड़ू में प्रदर्शन 22 को

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रोहड़ू में संघ की बैठक में लिया निर्णय
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शिमला में 25 जुलाई को होने वाले प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में रोहड़ू का प्रतिनिधिमंडल लेगा भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) में किए बदलावों के विरोध में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर 22 जुलाई को रोहड़ू में प्रदर्शन किया जाएगा। यह निर्णय शनिवार को रोहड़ू में आयोजित संघ की ब्लॉक कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया।
बैठक में प्रदेश के सेब और दूध उत्पादकों के समक्ष आ रही आर्थिक और कृषि संबंधी समस्याओं पर चर्चा की गई। संघ का कहना है कि यदि एफटीए के तहत आयातित सेब पर आयात शुल्क कम किया या समाप्त कर दिया गया, तो विदेशी सेब सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में पहुंचेंगे। इससे हिमाचल के बागवानों को अपनी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पाएगा। संघ ने इसे प्रदेश की सेब अर्थव्यवस्था और लाखों बागवानों की आजीविका के लिए गंभीर खतरा बताया।
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कार्यकारिणी ने एमआईएस में डिपुओं की संख्या घटाने, सी-ग्रेड सेब की खरीद पर सीमाएं तय करने और अन्य प्रतिबंधों पर भी आपत्ति जताई। संघ का कहना है कि इन बदलावों से बागवानों की समस्याएं और बढ़ेंगी।
बैठक में सेब के बगीचों में बढ़ रहे असामयिक पतझड़, रोगों के प्रकोप और उत्पादन में गिरावट पर भी चिंता जताई गई। संघ ने आरोप लगाया कि बागवानी विभाग और संबंधित संस्थान अब तक इन समस्याओं का प्रभावी समाधान उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। सब्सिडी में कटौती और स्प्रे दवाइयों की कमी के कारण बागवानों को बाजार से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
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संघ ने कहा कि प्रदेश के दूध उत्पादक भी भुगतान में देरी और दूध का उचित मूल्य नहीं मिलने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर भी दूध उत्पादकों को संगठित कर आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा। संघ के अनुसार, 22 जुलाई को भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में रोहड़ू में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा 25 जुलाई को शिमला के कालीबाड़ी हॉल में आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में रोहड़ू ब्लॉक का प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा। वहीं, 10 अगस्त को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन की तैयारियों के लिए गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से किसानों और बागवानों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
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