विपिन कुमार
चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल और कुपवी तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 27 प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र खोले गए हैं, लेकिन स्टाफ के अभाव में सभी स्वास्थ्य केंद्र सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। एक स्वास्थ्य केंद्र में दो मेल और एक फीमेल हेल्थ वर्कर के पद सृजित हैं, लेकिन कुल 39 केंद्रों में से 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में सभी पद रिक्त हैं। उपमंडल के अंतर्गत देवत, कशाह, पबान, भूट, भालू, जुबली, मंझोली, चडोली, पञ्चभैया, सरी, मनेवटी, थंगाड, थरोच, लाणी बमटा, रेवलपुल, पुलबाहल, झीना, गुमा, बिजमल, खाद्दर, माटल, गयां, मानू, मालत और कांदल स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य वर्कर नहीं हैं। हजारों ग्रामीण मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। स्टाफ की कमी की मार हजारों मरीजों पर पड़ रही है। हाल यह है कि कई स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटके हुए हैं, तो कई संस्थान चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के हवाले हैं। ऐसे में सरकार के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के सभी दावे हो गए हैं। स्टाफ न होने से मरीजों को कई किलोमीटर दूर नेरवा, चौपाल और कुपवी जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब लोगों को झेलनी पड़ रही है। इन स्वास्थ्य केंद्रों में हर माह टीकाकरण का दायित्व भी 12 कर्मचारियों के कंधों पर है। इनमें तीन स्वास्थ्य कार्यकर्ता, चार सीएचओ और पांच सुपरवाइजर टीकाकरण का कार्य कर रहे हैं। कई बार किसी कर्मचारी के छुट्टी जाने पर समय पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण में नहीं हो पाता है। हालांकि, सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सुपरवाइजर अपनी सेवाएं बखूबी से निभा रहे हैं, लेकिन दुर्गम क्षेत्र होने से कर्मियों को दूर-दूर तक अपनी सेवाएं देने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
मात्र कागजों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं
पूर्व विधायक चौपाल डॉ. सुभाष मंगलेट ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के खाली पदों के प्रति रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जब सिरदर्द और बुखार की दवाई नहीं मिलेगी और बच्चों का टीकाकरण समय पर नहीं होगा, तो सरकार की स्वास्थ्य सुविधाएं मात्र कागजों में ही रहेंगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उपमंडल चौपाल में सभी रिक्त स्वास्थ्य केंद्रों और उप केंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की तैनाती की जाए।
खाली पदों की सूचना सरकार को भेजी है। खाली केंद्रों का साथ वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त कार्यभार दिया है, जो समय-समय पर केंद्रों में जाकर टीकाकरण कर रहे हैं।
-डॉ. गुरमेल सिंह, खंड चिकित्सा अधिकारी नेरवा