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परंपरा निभाने के लिए देव रथ खींचने में महिलाएं जीतीं

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फुल्याच पर्व पर देव रथ को खींचती महिलाएं और पुरुष। -संवाद - फोटो : RAMPUR-HP
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सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिले की सांगला वैली में फुल्याच मेले की धूम है। जिले के पूनंग गांव में चार दिनों तक चलने वाले इस विशेष ऐतिहासिक पर्व को ग्रामीण आज भी एक अलग अंदाज में मनाते हैं।
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रविवार को तिगारिंग स्थान पर महिलाओं और पुरुषों ने पूनंग गांव के ईष्ट देवता श्रीकुल्डयो नारायण और नाग देवता को खींचने की परंपरा निभाई। परंपरा के मुताबिक अगर प्रतियोगिता में महिलाएं जीतती हैं, तो गांव में उस वर्ष कन्याएं अधिक जन्म लेती हैं। अगर पुरुष विजयी रहते हैं तो बालक अधिक होते हैं। रविवार को मंदिर परिसर से 200 मीटर की दूरी पर हुई इस खींचातानी में इस बार महिलाओं ने जीत दर्ज की है।
गौर हो कि इन दिनों सांगला वैली सहित जिले के कई ग्रामीण इलाकों में फुल्याच पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। पूनंग गांव में मनाए जाने वाले इस पर्व में किन्नौर की समृद्ध लोक संस्कृति भी नजर आती है। यहां आयोजित होने वाले मेले की एक अलग पहचान है। पूनंग गांव में साल में एक बार मनाए जाने वाले इस विशेष पर्व में लोग देवी देवताओं के सभी कायदे-कानूनों को तोड़कर देवता के साथ खींचातानी करते हैं।
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इसके बाद देवताओं का गंगाजल और गोमूत्र से शुद्धिकर मंदिर के भीतर प्रवेश करवाया जाता है। नाग देवता मंदिर कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र बेतरयान, मोतमीन मुकेश बेतरयान, माथास भारत सिंह बेतरयान, पुजारी दीपक बेतरयान, माली ज्योतिलाल नेगी ने कहा कि इस वर्ष पूनंग में आयोजित फुल्याच मेले में महिलाओं की जीत हुई है। ग्रामीण आज भी परंपरागत मान्यताओं का निर्वहन कर रहे हैं। पूनंग में आयोजित मेला कोविड-19 के निर्देशों के तहत मनाया जा रहा है।
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