राजपुरा, बतूना, सुंडा सहित विभिन्न स्थानों में भड़की आग
आग लगाने वाले शरारती तत्व पकड़ से बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। पर्यावरण संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और अधिक से अधिक पौधरोपण पर बल दिया जा रहा है, लेकिन जागरुकता के अभाव में इस अभियान को सफल बनाना मुश्किल है। हर वर्ष जंगलों में आग लगती है, जिससे करोड़ों की वन संपदा जल जाती है, साथ ही प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। रामपुर उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों जंगल धू-धू जल रहे हैं। आलम यह है कि आग पर काबू पाना भी मुश्किल हो रहा है। सूखे के कारण जंगल में आग एकाएक फैल रही है। सूचना के अभाव में वन विभाग भी शरारती तत्वों पर कार्रवाई करने में असमर्थ हो रहा है।
गौर हो कि बीते दिनों से रामपुर उपमंडल के राजपुरा, बतूना और सुंडा सहित अन्य क्षेत्रों के जंगलों में आग फैली हुई है। जंगलों में फैली आग की चपेट में चील, कायल और अन्य पेड़ पौधे आ रहे हैं, जबकि जंगली जीव जंतु भी आग की चपेट में आ रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में हर वर्ष पर्यावरण संरक्षण को लेकर हजारों पौधे लगाए जाते हैं, वे भी जंगलों में फैली आग की चपेट में आकर राख हो रहे हैं। इस वर्ष सूखे के कारण जंगल आग से दहक रहे हैं। वन विभाग ने पंचायतों को पत्र जारी कर जंगलों में आग पर काबू पाने के लिए मदद मांगी है। उधर, वन विभाग रामपुर के डीएफओ विकल्प यादव ने बताया कि जंगलों में आग लगने पर मौके पर विभाग के अधिकारी भेजे जा रहे हैं। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया जा रहा है। सूचना के अभाव में जंगलों में आग लगाने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से जंगलों को आग से बचाने का आह्वान किया है। साथ ही कहा कि इस वर्ष के नुकसान की अंतिम रिपोर्ट मार्च में तैयार होगी।