घरों और राशन डिपो में घुसा पानी से पहुंचा नुकसान
रामपुर में हुई बारिश ने खोली एनएचएआई की पोल
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। मानसून शुरू होने से पहले ही बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जगातखाना में भारी बरसात से आई बाढ़ से जहां करोड़ों की क्षति हुई है, वहीं प्रकृति के इस कहर को देखकर लोग घबरा गए हैं। शनिवार शाम को आई बाढ़ के बाद नालों के साथ लगते घरों से लोग अफरातफरी में बाहर निकले और अपनी जान बचाई। जिन घरों में पानी और मलबा घुस गया, वहां रहने वाले लोगों ने अपने पड़ोसी और रिश्तेदारों के घरों में रात गुजारी। शनिवार शाम को जगातखाना पंचायत में भारी बारिश और ओलावृष्टि से एकाएक बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। जगातखाना-थाचवा स्कूल मार्ग जो बिल्कुल नाले के साथ सटा हुआ है। यहां बाढ़ से सबसे अधिक तबाही मची। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने गाड़ियां पार्क की थीं, जो बाढ़ की चपेट में आने से बह गईं। कुछ गाड़ियां बीच नाले में फंस गईं तो छह वाहन पानी के तेज बहाव के साथ सतलुज नदी किनारे जा पहुंचे। शाम करीब साढ़े छह बजे जगातखाना पुलिस थाने के पास नाले के साथ लगते मकान में मलबा भर गया। कुंदन लाल के इस मकान में उसकी पत्नी और बेटी रह रहे थे। जैसे ही घर में पानी भरने लगा, तो वे वहां से डरकर कर बाहर निकले और अपने रिश्तेदारों के यहां रात गुजारनी पड़ी। घर में रखा सामान और राशन सामग्री पानी भरने से खराब हो गई है। वहीं, सड़क किनारे राशन डिपो में भी सड़क का पानी भरने से यहां रखा राशन खराब हो गया। स्टोर में रखा 12 क्विंटल आटा, छह क्विंटल चावल, दो क्विंटल चीनी और प्याज के 50 कट्टे पानी भरने से खराब हो गए हैं। डिपो संचालक यामानंद ने बताया कि भारी बारिश के कारण स्टोर में पानी घुस गया और इससे खाद्य सामग्री को नुकसान पहुंचा है। सोमवार को विभाग के निरीक्षक मौके का मुआयना करेंगे। मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी क्षेत्र के लोगों को नालों में कचरा न फेंकने की अपील की है।
नाले में डंग कचरे और मलबे से बढ़ी समस्या
भारी बारिश से नाले में बाढ़ आई और नाले में डंप किया गया मलबा और कचरे के कारण स्थिति और भी खराब हो गई। डंप मलबे के कारण बाढ़ का पानी काफी बढ़ गया और रास्ते में खड़ी गाड़ियों को अपने साथ बहा ले गया। जगातखाना से थाचवा स्कूल सड़क करीब पांच स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है और सड़क पर भारी भरकम चट्टानें और मलबा भर गया है।
एनएचएआई की लापरवाही हुई उजागर
शनिवार शाम को जब भारी बारिश हो रही थी, तो नेशनल हाईवे पांच तालाब बन गया था। नेशनल हाईवे-पांच किनारे बनी निकासी नालियां बंद हो गईं और एनएच पर पानी बहता रहा। वहीं, पाटबंगला के पास एनएच पर पेड़ गिरने के कारण यातायात काफी समय तक बाधित रहा। बीते दिनों रामपुर में मॉनसून की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने एनएचएआई और नगर परिषद को निकासी नालियों को बहाल करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा वन विभाग को भी एनएच-पांच किनारे खतरनाक बने पेड़ों की सूची तैयार करने को कहा है, लेकिन हैरानी की बात है कि प्रशासन के निर्देशों के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा। संवाद
जगातखाना में बाढ आने के बाद आसपास के लोग अपने अपने वाहनों को तलाश करते हुए। संवाद
जगातखाना में बाढ आने के बाद आसपास के लोग अपने अपने वाहनों को तलाश करते हुए। संवाद