रामपुर बुशहर। 26 सितंबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्रों में देश और प्रदेश के श्रद्धालु सराहन स्थित मां भीमाकाली के दर्शन कर पाएंगे। पिछले एक वर्ष से मां भीमाकाली के मुख्य मंदिर में झुकाव आ रहा है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने माता में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं को अफवाहों में न जाकर मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन करने का आह्वान किया है।
हालांकि भीमाकाली मंदिर न्यास और लोक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से मंदिर को सुरक्षा प्रदान करने के कार्य में जुट गए हैं। प्रशासन ने माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को नियंत्रित संख्या में भेजने की व्यवस्था पहले से ही कर रखी है।
गौर रहे कि मां भीमाकाली माता के मुख्य मंदिर की बुनियाद धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है। करीब 150 वर्ष पुराने इस मंदिर में स्थापित मां भीमाकाली के दर्शन के लिए हर वर्ष हजारों श्रद्धालु देश विदेश से यहां पहुंचते हैं। बीते एक वर्ष से माता के मुख्य मंदिर में झुकाव आ रहा है, जिसे लेकर जनवरी 2022 से लोक निर्माण विभाग मॉनीटरिंग कर रहा है। बात की जाए आज की तकनीक की तो उसके मुताबिक इस मंदिर की बुनियाद में काफी कमियां पाई गई हैं। समय के साथ-साथ मंदिर के नींव धंसती जा रही है। हालांकि मुख्य मंदिर की प्रथम मंजिल में ही करीब 11से 15 सेंटीमीटर तक झुकाव दर्ज किया गया है, इस कारण श्रद्धालुओं में मंदिर आने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मंदिर में आने के लिए किसी प्रकार का खतरा नहीं है। वहीं मंदिर में सुरक्षा के लिहाज से किए जाने वाले सुरक्षा कार्यों को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, हालांकि विभाग को 17 लाख रुपये की राशि भी लोनिवि को जारी की गई है।
उधर, भीमाकाली मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने कहा कि माता के मुख्य मंदिर की पहली मंजिल में ही झुकाव आया है। मंदिर भवन की नींव को नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन मंदिर को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि माता के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को नियंत्रित संख्या में भेजने की व्यवस्था पूर्व से चली आ रही है। उन्होंने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में तैनात कर्मचारियों और होमगार्ड के जवानों के निर्देशों की अवश्य पालना करें। उन्होंने कहा कि लोनिवि को 17 लाख की राशि जारी कर जल्द सुरक्षा कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।