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Rampur Bushahar News: विकास के मिले कई उपहार, आनी को आज तक इंतजार

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सरकार के भूले विकास के वादों का आनी को आज तक इंतजार
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भाजपा-कांग्रेस सरकारों ने कई घोषणाएं कीं, धरातल पर एक भी नहीं उतरी

अस्पताल भवन, सब्जी मंडी, लूहरी बस अड्डा, बहुतकनीकी संस्थान घूम रहे फाइलों में

सरकार की अनदेखी का दंश झेल रहे उपमंडल के हजारों ग्रामीण

हरिकृष्ण शर्मा

आनी (कुल्लू)। बीते एक दशक में प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकार रही। आनी क्षेत्र के लोगों को विकास परियोजनाओं के कई उपहार हर सरकार में मिले, लेकिन विकास परियोजनाएं आज भी फाइलों में घूम रही हैं या फिर योजनाओं के आधे-अधूरे कार्य कर उन्हें छोड़ दिया गया है। एक दशक से आनी विधानसभा क्षेत्र में विकास के कई वादे हुए, लेकिन ये वादे विकास तक नहीं पहुंचे। आनी क्षेत्र आज तक विकास की बाट जोह रहा है। क्षेत्र के लोगों को लाभान्वित करने के लिए अस्पताल भवन, सब्जी मंडी, लूहरी बस अड्डा, विश्राम गृह और बहुतकनीकी संस्थान बनाने की घोषणाएं हुईं, लेकिन आज दिन तक ये विकास योजनाएं फाइलों में घूम रही हैं या फिर बजट के अभाव में काम ठप पड़े हैं। सरकार की अनदेखी का दंश उपमंडल के हजारों ग्रामीण झेल रहे हैं। कुल्लू जिले का आनी उपमंडल अभी भी विकास के मामले में पिछड़ा हुआ है। प्रदेश में सरकारें आईं और गईं, लेकिन आनी क्षेत्र की अनदेखी ही हुई है। एक दशक से क्षेत्र के हजारों लोग विकास परियोजनाओं के लाभ से वंचित हैं। बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बावजूद क्षेत्र की जनता को विकास कार्य देखने को नहीं मिले।
अधूरा अस्पताल भवन का निर्माण
आनी में 66 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा भव्य अस्पताल भवन का निर्माण आज भी पूरा नहीं हो सका है। भवन का निर्माण कार्य वर्षों से चल रहा है और स्थानीय लोगों को अब भी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। भवन के अभाव में कई डॉक्टरों को तैनात करना वर्तमान अस्पताल में मुश्किल है। ऐसे में सुविधाओं का अभाव जनता की परेशानी का सबब बना हुआ है।
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डंगे से आगे नहीं बढ़ा सब्जी मंडी का निर्माण
आनी में सब्जी मंडी का निर्माण कार्य केवल डंगे तक सीमित रह गया है। निर्माण स्थल पर लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं देखी गई है, जिससे किसानों, बागवानों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अब जंग खाने लगे विश्राम गृह के सरिये
लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह को सर्किट हाउस की तर्ज में बदलने की घोषणा भी हकीकत से दूर ही रही। कुछ समय पहले खड़े किए गए सरिये अब बजट के अभाव में जंग खा रहे हैं।
फाइलों में सिमटी ये घोषणाएं
लूहरी बस स्टैंड की घोषणा केवल भाषणों और कागजों तक सिमटी रही, जिस पर आज दिन तक कोई ठोस कार्य नहीं हो सका है। यही नहीं क्षेत्र के दलाश में बहुतकनीकी संस्थान की स्थापना की घोषणा को भी अब एक दशक हो चुका है, लेकिन यह परियोजना अब तक वन विभाग की मंजूरी का इंतजार कर रही है। इसके अलावा क्षेत्र में कई अन्य घोषणाएं भी हैं, जो सरकारी दफ्तरों में रखी फाइलों की ढेर तक सिमट कर रह गई हैं।

केवल वादे हुए विकास नहीं
स्थानीय लोगों में संजय काइथ, राजेश कुमार, दिनेश काइथ, तिलक राज और जीत कुमार का कहना है कि सरकारें केवल चुनावी वादे करती हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में विकास को जैसे ग्रहण लग गया है। आनी के लोग अब ठोस कार्य और धरातल पर दिखने वाले विकास की अपेक्षा कर रहे हैं, न कि सिर्फ खोखले वादों की।
आनी के विकास कार्यों पर बोले अधिकारी
बीएमओ आनी भागवत मेहता ने बताया कि अस्पताल भवन का करीब 20 से 25 प्रतिशत निर्माण कार्य हो पाया है। वहीं, आईटीआई दलाश के इंस्ट्रक्टर मोहर सिंह ने बताया कि संस्थान के भवन निर्माण की एफसीए की मंजूरी नहीं मिल पाई है। एफसीए से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। लूहरी बस अड्डा निर्माण का मामला भी एफसीए के फेर में फंसा हुआ है।
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आनी में एक दशक में बहुत सारी घोषणाएं हुई हैं, जिसमें से अधिकतर सिरे नहीं चढ़ी हैं। आनी बस सब डिपो महज पट्टिका का तक सीमित रह गया है। दलाश का बहुतकनीकी संस्थान, लूहरी बस अड्डा, विश्राम गृह बनाने के वादे अधूरे हैं। दोनों सरकारें आनी के विकास को गति नहीं दे पाई। -संतोष ठाकुर प्रधान ग्राम पंचायत मुहान, आनी
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