अपने आराध्य देवता के समक्ष ग्रामीणों ने नवाया शीश, लिया आशीर्वाद
आज से दो दिन सजेगा दकनौल मेला, नाटियों का खूब चलेगा दौर
दरकाली में ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की दरकाली पंचायत स्थित देवता साहिब लक्ष्मी नारायण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सोमवार को सुबह से ही ग्रामीण मंदिर में जुटने शुरू हो गए और दिन भर ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण खूब झूमे। हजारों लोगों ने अपने अधिष्ठाता देवता साहिब के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद ग्रामीण देवता साहिब के जन्मोत्सव के जश्र में डूब गए।
गौर हो कि देवता साहिब लक्ष्मी नारायण दरकाली का जन्मोत्सव हर वर्ष 15 जुलाई को हर्षोल्लास से मनाया जाता है। अपने देवता साहिब के जन्मोत्सव का ग्रामीणों को बेसब्री से इंतजार रहता है। सोमवार को भी ग्रामीण सुबह से ही अपने देवता के दरबार मेंं हाजिरी देने पहुंचे। देवता के मंदिर में खूब रौनक रही। ग्रामीणों ने वाद्य यंत्रों की धुनों की जमकर नाटी डाली और अपने देवता का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। देवता साहिब के जन्मोत्सव के अगले दिन दरकाली में दकनौल मेले का आगाज होता है। देवता साहिब का जन्मोत्सव वर्ष 2009 से मनाया जा रहा है। वर्ष 2008 में देवता साहिब का मंदिर जल गया था। उसके बाद एक वर्ष के रिकार्ड समय में ग्रामीणों ने फिर से अपने ईष्ट देवता को तैयार किया। वर्ष 2009 में देवता साहिब अपने मुख्य जगह रोहड़ू स्थित देवीधार से पूरी तरह से बनकर वापस अपने दरकाली क्षेत्र में लौटे। अपने देवता को दोबारा से पहले जैसा देखकर ग्रामीण खासे उत्साहित हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने एलान किया कि इस दिन को हर वर्ष देवता के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाएगा। उसके बाद हर वर्ष दकनौल मेले के एक दिन पहले देवता साहिब लक्ष्मी नारायण का जन्मदिन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
मंदिर कमेटी के प्रधान भादुर सिंह बदरेल ने कहा कि देवता साहिब का जन्मोत्सव हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धूमधाम से मनाया गया। वहीं दो दिनों तक सजने वाले मेले की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना की गई और ग्रामीणों ने अपने ईष्ट देव से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। दिनभर नाटियों का खूब दौर चला।