सड़क से दूर गांव, न कोई हैंडपंप की सुविधा, एक बावड़ी के सहारे दो गांवों के ग्रामीण
तीन किलोमीटर दूर से पीठ पर ढो रहे पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। नित्थर पंचायत के दो गांवों केउरी और बख्ता में पेयजल संकट गहरा गया है। दोनों गांवों में सौ से अधिक लोग रहते हैं, जिनको 14 दिन में एक बार पेयजल नसीब हो रहा है। पानी की एक-एक बूंद के लिए दोनों गांवों के ग्रामीण संघर्ष कर रहे हैं। लोग तीन किलोमीटर दूर से पीठ पर पानी ढोने को मजबूर हैं। नित्थर पंचायत के उपप्रधान होशियार चंद, संजय कुमार, जियालाल, निहाल चंद, रमेश कुमार, बसंत लाल और शंकर का कहना है कि हमें पानी मुंडापानी केउरी बख्ता लाइन से आता है। 14 दिन में पानी आ रहा है। लोग दो सौ लीटर से ज्यादा नहीं भर पा रहे हैं। ग्रामीणों को पानी तीन किलोमीटर से भी ज्यादा दूर नीनबा बावड़ी से पीठ पर लाद कर लाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार, प्रशासन और विभाग से शीघ्र समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई है।
पंप खराब होने से आई दिक्कत
सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग नित्थर प्रकाश भरद्वाज का कहना है कि पंप खराब होने की वजह से गांवों को पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पंप को ठीक करने के लिए मेकेनिक को भेज दिया गया है। इससे पहले चार दिनों में पेयजल आपूर्ति होती थी। जल्द पंप को ठीक कर दिया जाएगा।