संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई/ रोहडू । ठियोग-हाटकोटी राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर कई जगह दो साल पहले भूस्खलन और बारिश के बाद लगे मलबे के ढेर अभी तक नहीं हटे हैं। कई स्थानों में बारिश से धंसी सड़क को ठीक नहीं किया गया है। इससे वाहनों के क्रॉस करते समय और तेज रफ्तार के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। इस सड़क पर तीन विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोग जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए रोजाना सफर करते हैं। साल 2023 में बरसात के दौरान रोहड़ू से हाटकोटी के बीच दो स्थानों पर और हाटकोटी से खड़ापत्थर के बीच तीन स्थानों पर मलबे के ढेर लगे हैं। खड़ापत्थर से ठियोग तक कई स्थानों पर मलबे के ढेर लगे हैं। जुब्बल में चींवा कैंची दोची के पास कोटखाई में अस्पताल के ऊपर मुख्य सड़क में पड़ी दरारों को दो सालों से नहीं भरा जा रहा। इसमें लगातार पानी का रिसाव होने से सड़क धंस रही है। मलबे से तंग हो रही सड़क पर धंसने के बाद दरारें पड़ने से वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। ऊपरी शिमला सेब उत्पादन का प्रमुख केंद्र है। इस कारण अब आने वाले सेब सीजन में वाहनों की संख्या बढ़ने से खतरा बना रहेगा। लोगों की मांग है कि अगर समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी और सेब व्यापार को भी बड़ा नुकसान हो सकता है। यहां के नेता कई बार इसको राजनीति मुद्दा भी बना चुके हैं, जबकि विभाग पहले बजट की कमी का रोना राेता रहा है।
सड़क पर पड़े मलबे को फेंकने के लिए डंपिग साइट नहीं मिल रही है। साइट मिलने के बाद मलबा हटा लिया जाएगा। सड़क पर जहां दरारें पड़ी हुईं हैं, उनको भी शीघ्र ठीक किया जाएगा।
- रवि भट्टी, एक्सईएन, राष्ट्रीय राजमार्ग ठियोग मंडल