कस्ताहाल जिगाह क्षेत्र की चिड़गांव डुंगयाणी सड़क
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ोहडू़। जिगाह वैली की जीवन रेखा माने जाने वाली चिड़गांव-चिलाल-डुंगयानी सड़क की हालत दिनप्रतिदिन बदतर हो जाती जा रही है। हालत यह है कि सड़क पर गड्ढों की भरमार है, जिससे की लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। सड़क की खस्ताहालत सुधारने के लिए भंफड़ पंचायत के वार्ड सदस्य ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी की है। इसके बावजूद लोगों की समस्या कम होती नजर नहीं आ रही है। साढे़ आठ किलोमीटर लंबी इस सड़क को प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत स्वीकृत किया गया है।
पहले चरण में सड़क का कार्य चिड़गांव से चिलाल तक करीब साढे़ पांच किलोमीटर वर्ष 2014 में शुरू हुआ था। इस पर करीब 2.66 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। सड़क के इस हिस्से पर दो साल पहले टारिंग का काम किया गया लेकिन वर्तमान में सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है। दूसरे चरण के तहत चिलाला से डुंगयानी तक करीब तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2018 में शुरू किया गया है, जो अभी तक अधूरा है। इस मार्ग पर टारिंग का काम अभी तक नहीं हुआ है। सड़क से पुजारली, चिलाला, बहाली, डुंगयानी, भंफड़, भेतयाणी, मटवाणी, विशाली, जखनोटी और हांऊचली सहित 12 से अधिक गांव लाभान्वित होते हैं।
भंफड़ पंचायत की प्रधान ईश्वरी देवी ने बताया कि सड़क के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा पीएमजीएसवाई के तहत बजट स्वीकृत करवाया था लेकिन वर्तमान में सड़क पूरी तरह से खस्ताहाल है। सड़क पर की गई टारिंग की पूरी तरह से उखड़ चुकी है। उन्होंने बताया कि सड़क की दयनीय स्थिति को सुधारने के लिए कई बार विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया गया लेकिन सड़क की हालत नहीं सुधरी।
लोगों की सुविधा के लिए शीघ्र ही सड़क की मरम्मत का कार्य करवाया जाएगा। दूसरे चरण का कार्य अभी चल रहा है।
दुनी चंद चौहान, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग